सुप्रीम कोर्ट का एक और बड़ा फैसला:कोरोना से मौत होने पर परिवार को मुआवजा मिले, केंद्र इसकी रकम तय करे; 6 हफ्ते में गाइडलाइन तैयार हो।
महामारी के दौर में सुप्रीम कोर्ट ने एक और बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बुधवार को कहा कि कोरोना से मौत होने पर परिजन मुआवजे के हकदार हैं। सरकार उन्हें मुआवजा दे। मुआवजे की रकम कितनी होगी, ये सरकार तय करे। कोर्ट ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि वह मुआवजा दिए जाने की गाइडलाइन तय करे। सुप्रीम कोर्ट ने 3 और निर्देश दिए 1. कोरोना से मौत होने पर डेथ सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था सरल हो। अधिकारी इसके लिए गाइडलाइन जारी करें। 2. जैसा कि फाइनेंस कमीशन ने प्रस्ताव दिया था, उसके आधार पर केंद्र उस व्यक्ति के परिवार के लिए इंश्योरेंस स्कीम बनाए, जिसकी जान आपदा में चली गई। 3. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी राहत के न्यूनतम मानकों को ध्यान में रखते हुए कोविड मृतकों के परिवारों के लिए गाइडलाइन 6 हफ्तों के भीतर जारी करे। फैसले के दौरान कोर्ट की 2 अहम टिप्पणियां नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी पर: आपका कर्तव्य है कि आप राहत के न्यूनतम पैमाने बताएं। ऐसा कुछ भी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है जिससे पता चले कि कोवि...