आज अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का प्रतीक है हूल दिवस, सिदो -कान्हू, चांद भैरव और फूलों झानो सहित इस विद्रोह के नायकों व वीरों को प्रदेश कांग्रेस ने किया गया याद । प्रदेश कोंग्रेस के अध्यक्ष, और सरकार में शामिल कांग्रेस कोटे के मंत्रियों ने राँची के सिदो कान्हू पार्क में लगी सिदो -कान्हू की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ा सभी ने किया उन्हें याद।
राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता कृषि मंत्री बादल पत्रलेख विधायक राजेश कछप और बंधु तिर्की ने सिद्धू कानो की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ा किया उन्हें याद कहा इन शहीदों की शहादत को कभी नहीं भुला जा सकता। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ पहला विद्रोह 1857 का सिपाही विद्रोह कहा जाता है , पर मैं तो कहता हूं कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ पहला विद्रोह 1855 में हुआ था तत्कालीन बंगाल रेसीडेंसी के खिलाफ सम्पूर्ण संथाल परगना के इलाके के भोगनाडीह से विद्रोह का बिगुल हूल क्रांति के नायकों ने छेड़ा , और ये लड़ाई आज भी जारी है। वही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सूबे के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि हूल क्रांति का ही परिणाम है कि संथाल परगना टिनेंसी एक्ट बना ।और आज भी आदिवासियों की जमीन की लूट जारी है और इसको बचाने के लिए के आंदोलन करना पड़ेगा गांधीवादी तरीके से तभी आदिवासियों की जमीन बचेगी।
आपको बता दें कि इस दौरान आपदा नियमो की और सरकार के गाइडलाइन की धज्जियां उड़ी।
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