झारखंड में कोरोना संक्रमण से अगर सबसे ज्यादा कोई क्षेत्र प्रभावित हुआ तो वह है परिवहन, बस परिचालन से जुड़े बस संचालक, ड्राइवर, खलासी और उनसे जुड़े लाखों लोग की स्थिति बेहद ही खराब हो चुकी है। परिवार चलाना बेहद ही मुश्किल हो चला है। वहीं अगर बस संचालक की माने तो उनका कहना है कोरोना संक्रमण के पहले फेज में जो नुकसान हुआ था उसकी भरपाई धीरे-धीरे हो होनी शुरु ही हुई थी, फिर कोरोना का दूसरी लहर आ गई जिस कारण बस की स्थिति पूरी तरह से खराब हो चुकी है। स्कूल बसों की स्थिति और भी खराब हो चुकी है। उनकी भी टैक्स सरकार पूरी तरह से माफ नहीं की है। बसों का ईएमआई के कारण काफी परेशानी हो रही है टैक्स भी राज्य सरकार के तरह से माफ नहीं की गई है।
इसको लेकर बस परिचालन से जुड़े लोगों ने राज्य सरकार से विनम्र आग्रह करते हुए राज्य में 50% की क्षमता के साथ-साथ कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए 1 जुलाई से बस परिचालन की अनुमति देने की गुहार लगाई है।
वही बस ड्राइवर के साथ खलासी वर्ग का कहना है की कोरोना के दूसरी लहर के कारण परिवार की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि कोई दूसरा रोजगार भी शुरू नहीं कर पा रहे है। राज्य सरकार हम लोगों की विनती सुने जल्द से जल्द बस परिचालन की सेवा शुरू करें ताकि परिवार चल सके।
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