झारखंड में शनिवार शाम से सोमवार को सुबह से संपूर्ण लॉक डॉउन घोषित है। बावजूद इसके सत्ताधारी दल जेएमएम के बिशनपुर विधायक चमरा लिंडा लॉक डाउन के नियमों की धज्जियां उड़ाते देखे गए। दरअसल बीते रविवार को विधायक ने नगड़ी थाना अन्तर्गत अपने आवास के निकट डोरया टोली स्थित बगीचा में तीन गाँव के ग्रामीणों के साथ विधायक बैठक करते देखे गए। बैठक में विधायक ग्रामीणों को गांव की पंचायत के शक्ति के बारे में बता रहे, वही बैठक के दौरान माननीय आदिवासीयो के जमीन पर हो रहे कब्जे की बात ग्रमीणों से बोल रहे और कह रहे की अंचल, थाना हमलोग का फैसला कैसे कर सकता है। बैठक में शामिल ग्रामीण ने ही यह वीडियो बनाकर वायरल की है।
गौरतलब है कि राजधानी रांची में राज्य के किसानों के समर्थन में खेत में उतर कर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और वामदलों द्वारा कृषि कानूनों के विरोध में राज भवन मार्च करने पर जिला प्रशासन ने इनके खिलाफ कोविड-19 गाइडलाइन उल्लंघन का केस दर्ज किया है। वही सत्तारूढ़ दल के विधायक चमरा लिंडा के खिलाफ कोविड-19 गाइडलाइन उल्लंघन करने पर अब तक प्रशासन ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या राज्य में पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग कानून लागू हैं
सत्तारूढ़ विधायक के इस हरकत पर वही के आजसू नेता प्रेम लाल सहदेव ने कहा कि विधायक पर लॉक डॉउन उलंघन का मामला दर्ज होना चाहिए, वहीं भाजपा ने भी राज्य सरकार पर दोहरे मापदंड लगाने का आरोप लगाया है। संयुक्त वामदलों ने भी प्रशासन के दोहरे चरित्र पर सवाल खड़ा करते हुए इसको लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों सत्ताधारी दल कांग्रेस ने प्रदेश में लागू आपदा नियमो की धज्जियां उड़ाते हुए रॉक गार्डन के बैंक्वेट हाल में मीटिंग की उससे 2 हफ्ते पहले पेट्रोल डीजल के मूल्यों में वृद्धि के खिलाफ प्रदेशभर के पेट्रोल पंपों के सामने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया था, जिसमे प्रदेश के मंत्री तक ने शिरकत की थी। यही नही राहुल गांधी के जन्मदिन पर कांग्रेसी नेताओं ने मजमा लगाकर जरूरतमंदों को सुखा राशन तक बांटा , पर इन सभी पर रांची जिला प्रशासन मौन है।
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