Tuesday, June 29, 2021

साइबर अपराधियों की सिर्फ गिरफ्तारी नहीं बल्कि सजा दिलाने के लिए करें अनुसंधान - सुदर्शन मंडल, डीआइजी, संथाल परगना ।

 


देवघर समेत संथाल परगना में साइबर अपराधियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। पुलिस के अनुसंधान की दिशा सिर्फ साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी तक नहीं बल्कि कोर्ट से इन्हें सजा दिलाने तक की होनी चाहिए। उपरोक्त बातें संथाल परगना प्रमंडल के डीआइजी सुदर्शन मंडल ने देवघर में कही। डीआइजी ने मंगलवार के दिन देवघर साइबर थाना में साइबर क्राइम को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। डीआइजी ने कहा कि साइबर अपराध संथाल परगना प्रमंडल क्षेत्र नासूर बन चुका है। इसके समाप्ति के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सिर्फ साइबर अपराधियों को पकड़ने से काम नहीं चलेगा बल्कि उन्हें सजा दिलाने की जिम्मेवारी पुलिस की है। जब साइबर अपराधियों को सजा मिलेगी तब ही इस अपराध पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। इसके लिए जरूरी है कि साइबर मामलों के अनुसंधानकर्ता मामलों का अनुसंधान सही तरीके से करें ताकि कोर्ट से आरोपियों को सजा मिल सके। साइबर अपराधियों को पुलिसिया अनुसंधान के बावजूद जमानत मिलने पर डीआइजी ने कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए इन अपराधियों पर किन धाराओं का इस्तेमाल किया जाए कि पकड़े जाने के बाद वे आसानी से बाहर न आ सके। मामलों के अनुसंधान के दौरान किन बातों का ध्यान रखें, जब्ती सूची कैसे तैयार करें इसको लेकर भी निर्देश दिया गया है। बेहतर तरीके से अनुसंधान करने पर ही आरोपियों को सजा दिलाई जा सकती है। ऐसे में सिर्फ गिरफ्तार कर लेने से अपराध खत्म नहीं होगा। इसके अलावा साइबर अपराध के आरोपियों के आर्थिक पहलू पर चोट करने पर भी विचार किया गया। डीआइजी ने इस बात की जानकारी दी कि एक साल में छह सौ साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया लेकिन इस बात पर भी चिंता जताई कि सजा एक को भी नहीं दिलाई जा सकी है। 

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