बढ़ता मतदान, बदलता बिहार: 2025 के पहले चरण की लोकतांत्रिक तस्वीर धर्मेंद्र कुमार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर 64.66% मतदान हुआ जो पिछले 20 वर्षों के सभी रिकार्ड को धवस्त कर एक नया प्रतिमान स्थापित किया. यह आंकड़ा न केवल पिछले चुनावों की तुलना में अधिक है, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक चेतना, जन-सक्रियता और संभावित सत्ता परिवर्तन की आहट भी देता है. मतदान में हुए इस वृद्धि का आकलन सभी दलों द्वारा अपने अपने पक्ष में बताया जा रहा है. वहीं राजनीतिक जानकार भी मतदान में हुए इस वृद्धि को लेकर स्पष्ट रुप से कुछ भी कहने से बचते दिख रहे है. मतदान प्रतिशत में वृद्धि के मायने राजनीति जानकारों ने बिहार के प्रथम चरण में मतदान प्रतिशत में हुई वृद्धि के कई कारण की चर्चा की. उनका मानना है कि जनता की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी के कारण वोट प्रतिशत में वृद्धि हुई है. इसमें जहां युवाओं और पहली बार वोट डालने वालों की भागीदारी ने इस प्रतिशत को ऊपर उठाया है. वहीं दूसरी ओर सत्ता विरोधी लहर की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है. यह बदलाव की चाहत या विकल्प की तलाश के कारण भी सकता है. बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे स्थानीय...