किधर बहेगी सरयू की धार, क्या भारी पड़ेंगे डॉ. अजय कुमार
जमशेदपुर। भारतीय राजनीति में अक्सर चाणक्य नीति की चर्चा होती रहती है. लेकिन वर्तमान में चाणक्य वही कहलाता है, जो अपनी नीतियों से विरोधियों को चुनावी रणक्षेत्र में परास्त कर सत्ता के शिखर तक पहुंचने में सफल हो जाए. वैसे तो भारतीय राजनीति में चाणक्य की उपमा से कई लोगों को सुशोभित किया जाता रहा है. लेकिन अगर झारखंड की राजनीति की बात करें तो एक नाम प्रमुखता से लिया जाता है. जिन्हें लोग चाणक्य चचा के नाम से भी जानते है. जिनके खाते में दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को जेल भेजने के साथ ही एक पूर्व मुख्यमंत्री को उनके अभेद गृह विधानसभा क्षेत्र में भारी अंतर से पराजित करने का रिकार्ड दर्ज है. इनके संबंध में यह भी प्रचलित है कि बड़ी सफाई से ये कलाई दबाकर मुठ्ठी खुलवाने के माहिर खिलाड़ी है. लेकिन इधर हाल के दिनों में इनके दबाव की राजनीति का दुसरों पर कुछ असर होता दिख नहीं रहा है. जी हां, आपने सही पहचाना मैं बात कर रहा हूं जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा के वर्तमान विधायक सरयू राय की. झारखंड में विधानसभा की चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है. सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में लगे हुए हैं....