Friday, November 7, 2025

बढ़ता मतदान, बदलता बिहार: 2025 के पहले चरण की लोकतांत्रिक तस्वीर धर्मेंद्र कुमार



बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर 64.66% मतदान हुआ जो पिछले 20 वर्षों के सभी रिकार्ड को धवस्त कर एक नया प्रतिमान स्थापित किया. यह आंकड़ा न केवल पिछले चुनावों की तुलना में अधिक है, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक चेतना, जन-सक्रियता और संभावित सत्ता परिवर्तन की आहट भी देता है. मतदान में हुए इस वृद्धि का आकलन सभी दलों द्वारा अपने अपने पक्ष में बताया जा रहा है. वहीं राजनीतिक जानकार भी मतदान में हुए इस वृद्धि को लेकर स्पष्ट रुप से कुछ भी कहने से बचते दिख रहे है. 

मतदान प्रतिशत में वृद्धि के मायने

राजनीति जानकारों ने बिहार के प्रथम चरण में मतदान प्रतिशत में हुई वृद्धि के कई कारण की चर्चा की. उनका मानना है कि  जनता की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी के कारण वोट प्रतिशत में वृद्धि हुई है. इसमें जहां युवाओं और पहली बार वोट डालने वालों की भागीदारी ने इस प्रतिशत को ऊपर उठाया है. वहीं दूसरी ओर सत्ता विरोधी लहर की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है. यह बदलाव की चाहत या विकल्प की तलाश के कारण भी सकता है. बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे स्थानीय मुद्दों ने मतदाताओं को प्रेरित किया. जानकारों के अनुसार वोट प्रतिशत में वृद्धि का एक प्रमुख कारण मतदान में  महिलाओं की बढ़ती भागीदारी है. कई जिलों में तो महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा. यह सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण का संकेत है,  2020 में कुल 57.05% मतदान हुआ था जिसमें महिलाओं का मतदान प्रतिशत 59.6% था जबकि पुरुषों का 54.7% था. वहीं  2025 के प्रथम चरण में कुल मतदान 64.66% रहा, जिसमें महिलाओं का मतदान प्रतिशत लगभग 69% और पुरुषों का 61% रहा. 2020 के मुकाबले 2025 में महिलाओं के वोट प्रतिशत में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस बार के चुनाव में महिलाओं ने अपने पुराने रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया. इसका मुख्य कारण नीतीश सरकार द्वारा ठीक चुनाव से पहले 1.21 करोड़ महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये दिया जाना बताया जा रहा है. इस कारण भी एनडीए इसको अपने पक्ष होने का दावा कर रही है और इसमें कुछ तो सत्यता भी है. वहीं दूसरी ओर महागठबंधन वहीं पुराने ढर्रे पर चलते हुए इस बढ़ते हुए वोट प्रतिशत को सरकार के खिलाफ लोगों के गुस्सा को बताया जा रहा है. लेकिन एक बात तो तय है कि यदि यही ट्रेंड दूसरे चरण के मतदान में भी कायम रहा तो एक बात तो स्पष्ट है कि जिस गठबंधन की जीत होगी उसको प्रचंड बहुमत मिलेगा. 
कहां कितना हुआ मतदान
बिहार के बेगूसराय जिला में सबसे अधिक मतदान 67.32% दर्ज की गई वहीं मधेपूरा में 65.74% मुजफ्फरपुर में 65.23% गोपालगंज में 64.96% पटना में 62% बक्सर में 63% भोजपुर में 64% कैमूर में 65% रोहतास में 66% औरंगाबाद में 67% अरवल में 64% सहित अन्य जिलों में भी कमोवेश 60% से अधिक मतदान हुए. कई जिलों में रिकॉर्ड मतदान ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है, जहां सामाजिक आंदोलनों और युवा नेतृत्व की भूमिका अहम रही.
 बिहार में बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत लोकतंत्र की मजबूती और जन-जागरण का प्रतीक है. यह संकेत देता है कि मतदाता अब केवल दर्शक नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका में हैं. 2025 का यह चुनाव न केवल सीटों का गणित बदलेगा, बल्कि राजनीतिक विमर्श और जन अपेक्षाओं की दिशा भी तय करेगा.

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