Tuesday, May 25, 2021

झारखंड में तीन जून तक बढ़ा लॉकडाउन, दो बजे तक खुलेगा सचिवालय,संपादित होंगे विभागीय कार्य।

दोस्तों नमस्कार
कोरोना के संक्रमण के दौर में मेरा आप सबों से निवेदन है कि आप अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करें स्वस्थ रहें मस्त रहें।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में झारखंड में जारी स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को तीन जून की सुबह छह बजे तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया । इससे पहले 27 मई तक के लिए लॉकडाउन लगाया गया था।
इस दौरान पहले से लागू सभी प्रतिबंध जारी रहेंगा । बैठक में चक्रवाती तूफान यास के झारखंड में पड़ने वाले संभावित असर और उससे निपटने को तैयारियों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में एक तिहाई कर्मचारियों के साथ सचिवालय को दोपहर दो बजे तक खोलने का निर्णय़ लिया गया। इस दौरान संयुक्त सचिव से ऊपर स्तर के सभी पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से सचिवालय आना होगा, और एक तिहाई कर्मचारियों के साथ सचिवालय के विभिन्न विभाग के कार्य संपादित करेंगे। पूर्व की भांति ई-पास की अनिवार्यता जारी रहेगी, लेकिन सरकारी कर्मियों, मीडियाकर्मियों और बड़ी कंपनियों अथवा फैक्ट्रियों में काम करने वालों का ड्यूटी पास मान्य होगा। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ अमिताभ कौशल ने मुख्यमंत्री को चक्रवाती तूफान यास का झारखंड में पड़ने वाले असर से बचाव तथा राहत को लेकर की गई तैयारियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जारी किया है उसके मुताबिक यह तूफान का असर झारखंड में भी देखने को मिल सकता है। तूफान से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा के ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है। इन इलाकों में तेज रफ्तार से हवा चलने और भारी बारिश होने की आशंका है। झारखंड में चक्रवाती तूफान यास का असर 26-28 मई तक रहने की संभावना है। चक्रवाती तूफान से बचाव और राहत को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली है। इसके तहत अस्पतालों में बिजली और ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित नहीं हो, इसके लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है। वहीं चक्रवाती तूफान यास के कारण सड़कों पर आवागमन बाधित नहीं हो, इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्त को गिरने वाले पेड़ों को हटाने के लिए पूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। भारी बारिश के कारण कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने की काफी आशंका है। ऐसे में लोगों को रखने के लिए शिविर की व्यवस्था की गई है। भारी बारिश से स्वर्णरेखा नदी के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति की संभावना को देखते हुए अधिकारियों को इन इलाकों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। वहीं तेज, हवा और बारिश से बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। इस बाबत ऊर्जा विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा चक्रवाती तूफान से होने वाले नुकसान और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए अन्य सभी तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। 

 

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