Sunday, September 28, 2025

असम के बोडो निकाय चुनाव में भाजपा की हार: ध्रुवीकरण की राजनीति पर जनजातीय अस्मिता की जीत धर्मेंद्र कुमार



असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) में हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों ने राज्य की राजनीति को एक नए मोड़ पर ला दिया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जो पिछले कुछ वर्षों से राज्य में सत्ता पर काबिज है, उसको इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा. यह पराजय न केवल स्थानीय जनमत का संकेत है, बल्कि भाजपा की सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की रणनीति की करारी हार करती है.
चुनाव के परिणाम
बोडो के निकाय चुनाव में बीपीएफ (बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट) ने बहुमत हासिल करते हुए 28 सीटों पर जीत दर्ज की वहीं भाजपा मात्र 5 सीटों पर सिमट कर रह गई, जबकि उसने पिछली बार गठबंधन के तहत बेहतर प्रदर्शन किया था. अन्य क्षेत्रीय दलों ने भी सीमित लेकिन निर्णायक उपस्थिति दर्ज की.
कहां हुई चूक ?
चुनाव प्रचार में भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण को प्रमुखता दी, जिसे स्थानीय मतदाताओं ने नकार दिया. बोडो जनजातीय अस्मिता, स्थानीय विकास, और रोजगार जैसे मुद्दों को नजरअंदाज करना बीजेपी सरकार को मंहगा पड़ा. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की आक्रामक शैली और सांप्रदायिक बयानबाज़ी ने जनमत को विभाजित करने के बजाय भाजपा से दूर कर दिया. बोडो समाज में सांस्कृतिक पहचान और स्वायत्तता का मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है,जिसे सरकार द्वारा नजरदांज किया गया. भाजपा की नीतियों को बाहरी हस्तक्षेप के रूप में देखा गया, जिससे जनजातीय समुदाय में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ा. वहीं बीपीएफ ने स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देकर जनता का विश्वास अर्जित किया.
विधानसभा चुनाव पर क्या पड़ेगा प्रभाव
यह हार भाजपा के लिए चेतावनी है कि सांप्रदायिक नैरेटिव अब सार्वभौमिक रूप से प्रभावी नहीं है. आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को स्थानीय मुद्दों, जनजातीय अधिकारों और विकास योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा. विधानसभा चुनाव में बीपीएफ और अन्य क्षेत्रीय दलों की भूमिका निर्णायक हो सकती है. विशेषकर गठबंधन की राजनीति में.
बोडो निकाय चुनाव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि असम की राजनीति अब सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से आगे बढ़ चुकी है. मतदाता अब स्थानीयता, अस्मिता और विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं. भाजपा को यदि आगामी विधानसभा चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करनी है, तो उसे गंभीरतापूर्ण आत्ममंथन करना होगा.

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