मामला बिगड़ने के कारण यह बताया जा रहा है विधानसभा चुनाव के बाद से तनातनी की स्थिति रघुवर और सरयू राय समर्थकों में बनी हुई थी। इसी बीच रघुवर नगर में कथित रूप से सरकारी शिलापट्ट पर कालिख पोतने का मामला सामने आया था। उस दौरान दोनों पक्षों के द्वारा एक दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस मामले में पिछले दिनों बर्मामाइंस पुलिस ने भाजमो नेता दुर्गा राव, गोल्डी सिंह समेत अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा था कुछ दिन पहले वे जमानत पर रिहा हो गए। वहीं विधायक सरयू राय के द्वारा जेल से जमानत पर रिहा हुए कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने की बात कही गई थी जो प्रतिद्वंदी रघुवर पक्ष को कथित रूप से रास नहीं आया।
जिसके परिणाम स्वरूप विजयदशमी की घटना बताई जा रही है जिसमें नागेंद्र सिंह पर कथित रूप से जानलेवा हमला करने का आरोप रघुवर समर्थक भोला सिंह और उनके अन्य सहयोगियों पर लगा है। नागेंद्र सिंह का कहना है कि खार खाए भोला सिंह ने उन्हें फोन कर धमकी दी थी कि रामबाबू तिवारी का विरोध करना छोड़ दे, नहीं तो परिणाम भुगतना होगा। भोला सिंह ने उन्हें धमकी देने के बाद फोन कर घर भी बुलाया। फिर कुछ देर बाद भोला सिंह कार के साथ अपने साथियों के साथ नागेंद्र सिंह के घर आकर हंगामा करने लगे।इसकी सूचना पत्नी से फोन पर मिलने के बाद नागेंद्र सिंह घर पहुंचे उसी दौरान उन पर फायरिंग कर दी गयी।हालांकि गोली उन्हें लगी नहीं, वे घटना में बाल-बाल बच गये।
दूसरी ओर भोला सिंह का कहना है कि घटना के दिन नागेंद्र सिंह ने उन्हें दशहरे का निमंत्रण दिया था।उसके बाद वे नागेंद्र सिंह के घर पहुंचे थे।वहां नागेंद्र के सहयोगी भी मौजूद थे। उसी दौरान उनके उन पर रिवाल्वर तान दिया गया। जान मारने की नीयत से उन पर फायरिंग भी की गयी।हालांकि वे किसी तरह हमले में बचकर निकल गये।
बहरहाल दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है पुलिस मामले की जांच में लग गई ।सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो रही है दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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