Tuesday, October 19, 2021

धोखाधड़ी के मामले में जेएससीए के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी समेत चार आरोपियों के खिलाफ सीजेएम की अदालत ने संज्ञान लिया, 11 नवम्बर के पहले कोर्ट में हाजिर होने के आदेश


स्थानीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन में 196. 23 करोड़ रुपए के हेराफेरी के एक मामले में एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और जेपीएससी के वर्तमान अध्यक्ष अमिताभ चौधरी समेत चार लोगों के खिलाफ संज्ञान लिया है. सभी के खिलाफ अदालत ने सम्मन भी जारी किया है. अदालत 18 नवंबर 2021 को इस मामले की अगली सुनवाई करेगी. सभी चारों आरोपियों को इस बीच कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिये गए हैं. उल्लेखनीय है कि अमिताभ चौधरी सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी हैं. वे जमशेदपुर के एसपी भी रहे हैं. हमेशा से उनकी छवि एक ईमानदार पुलिस अधिकारी की रही है. फिलहाल उन पर लगे आरोपों के सम्बंध में जानकारी देते हुए अधिवक्ता रंजन धारी सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि वर्ष 2018 में पूर्व रंणजी प्लेयर उज्जवल दास द्वारा धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए स्थानीय सीजेएम की अदालत में एक शिकायत बाद दाखिल किया था।
जिसमें जेएससीए के तत्कालीन अध्यक्ष अमिताभ चौधरी, तत्कालीन सेक्रेटरी राजेश वर्मा, कोषाध्यक्ष गोविंदो मुखर्जी और जेएससीए के आजीवन सदस्य रंजीत कुमार सिंह के खिलाफ झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के विस्तार और विकास के लिए दिए गए 196.23 करोड रुपए का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है. उज्जवल दास का आरोप है कि खर्च के जो दस्तावेज प्रस्तुत भी किये गये वे जांच में फर्जी पाये गये. इस मामले में दो गवाहों जेएससीए के आजीवन सदस्य व पूर्व सेक्रेटरी सुनील कुमार सिंह और शेषनाथ पाठक की गवाही हुई. सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रथमदृष्टया आरोपों को सुनवाई के योग्य मानते हुये अदालत ने आरोपियों के खिलाफ संज्ञान के साथ सम्मन जारी किया है. भादवि की धारा 467/468/ 471 और 120 बी के तहत संज्ञान लिया है।

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