देवघर जिला के साइबर थाना की पुलिस ने दस साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गुरुवार को इस बाबत आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में साइबर डीएसपी सुमित प्रसाद ने पूरे मामले की जानकारी दी। डीएसपी ने बताया कि साइबर थाना की पुलिस ने पथरौल थाना क्षेत्र के पितौंजिया, मधुपुर थाना क्षेत्र के पसीया, कुंडा थाना क्षेत्र के बसमत्ता और जसीडीह थाना क्षेत्र के राजाडीह गांव से दस साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।इसके साथ साइबर अपराधी गूगल सर्च इंजन का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को लॉटरी का प्रलोभन देकर पैसों की ठगी करते थे। साथ ही ये साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं और उन्हें बताते हैं कि उनका एटीएम बंद होने वाला है। इसके अलावा केवाइसी अपडेट कराने के नाम पर भी ठगी की जाती है। इन अपराधियों द्वारा साइबर ठगी के लिए गूगल पे का भी सहारा लिया जाता था। साथ ही साइबर अपराधियों द्वारा वर्चुअल पेमेंट एड्रेस के माध्यम से भी ठगी की जाती थी।
इसके साथ ही धनंजय और विकास का आपराधिक इतिहास है। दोनों पूर्व में साइबर अपराध के मामले में आरोपी रहे हैं। डीएसपी ने यह भी जानकारी दी कि इन साइबर अपराधियों द्वारा साइबर ठगी की घटना को अंजाम देने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते थे। साइबर अपराधी फोन पे कस्टमर अधिकारी बनकर ठगी करते हैं। इसके साथ ही ड्रीम 11, रम्मी और तीन पत्ती गेम के माध्यम से ठगी करते हैं।
इन साइबर अपराधियों के पास से 11 मोबाइल, 20 सिम कार्ड और 2 एटीएम कार्ड बरामद किया गया है। गिरफ्तार अपराधियों में 19 वर्षीय तरुण दास, 20 वर्षीय विकास दास, 18 वर्षीय संजीत दास, 19 वर्षीय अमित कुमार, 39 वर्षीय धनंजय दास, 23 वर्षीय संदीप दास, 19 वर्षीय निरंजन दास, 21 वर्षीय रंजीत दास, 19 वर्षीय अंकित दास और 19 वर्षीय उमेश दास का नाम शामिल है। डीएसपी द्वारा यह जानकारी दी गयी कि मामले में गिरफ्तार धनंजय और संदीप सगे भाई हैं।
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