Saturday, May 22, 2021

बाबा रामदेव पर गहराया संकट,आईएमए ने की कारवाई करने की मांग।

दोस्तों नमस्कार
कोरोना के संक्रमण के दौर में मेरा आप सबों से निवेदन है कि आप अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करें स्वस्थ रहें मस्त रहें।

योग गुरु बाबा रामदेव अपने बड़बोलेपन के लिए भी विख्यात है।लेकिन इस बार आधुनिक चिकित्सा पद्धति के खिलाफ बाबा रामदेव के द्वारा दिए गए बयान के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से महामारी एक्ट के तहत करवाई करने की मांग की है। आईएमए द्वारा बाबा रामदेव का वीडियो भी केंद्रीय मंत्री को उपलब्ध कराया गया है।आईएमए ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से कहा कि वे या तो आधुनिक चिकित्सा पद्धति को खत्म कर दें या फिर योग गुरु रामदेव पर महामारी रोग अधिनियम के तहत मामला दर्ज करें।
आईएमए ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सोशल मीडिया पर वायरल हुए योग गुरु रामदेब के वीडियो का जिक्र करते हुए उनके खिलाफ कारवाई करने की मांग केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से की है । आईएमए ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से 'केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से कहा है कि या तो वे इस आरोप को स्वीकार करें और आधुनिक चिकित्सा सुविधा को खत्म कर दें या फिर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए महामारी रोग अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए।' 
आईएमए ने कहा है कि भारत कोविड-19 महामारी का सामना कर रहा है। सभी फ्रंट लाइन मेडिकल वर्कर्स जिसमे डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ मिल कर आधुनिक चिकित्सा पद्धति से लोगों की जिंदगियों को बचाने में जुटे हैं। इस संघर्ष में फ्रंटलाइन पर काम करने वाले 1200 एलोपैथ डॉक्टरों ने अपनी जिंदगी का बलिदान दे दिया। ऐसे अवसर पर बाबा रामदेव का एलोपैथ के खिलाफ बयानबाजी से स्वस्थ सेवा से जुड़े लोगो ने निराशा का भाव पैदा करेगा।
  आईएमए ने कहा कि योगगुरु ने कहा है की 'एलोपैथ एक स्टुपिड और दिवालिया साइंस है।दरअसल रामदेव ने सार्वजनिक तौर पर कोविड-19 महामारी के कारण हो रही मौतों के पीछे एलोपैथ को कारण बताया है। रामदेव अपने वीडियो में यह कहते नजर आ रहे हैं कि रेमडेसिविर, फेविफ्लू व DCGI की मान्यता प्राप्त सभी दवाईयां असफल हैं। योग गुरु ने कहा, 'लाखों लोगों की मौत एलोपैथी दवा खाने से हुई है।महामारी के संकट के बीच जान को दांव पर लगा अस्पताल में दिन रात काम कर हे डॉक्टरों व हेल्थवर्करों के बीच रामदेव के इस बयान से नाराजगी है।
सर्वविदित है कि योगगुरु रामदेव और उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण जब बीमार होते हैं तो एलोपैथ का सहारा लेते है और एलोपैथ की दवाइयां खाते हैं। अब यह आधारहीन आरोप लगा रहे हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं ताकि अपनी गैरकानूनी और बिना मंजूरी प्राप्त दवाओं को बेच सकें । इधरनई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के रेसिडेंट्स डॉक्टर्स एसोसिएशन ने बाबा रामदेव के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए महामारी रोग अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज करने की मांग की है। 




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