Friday, October 15, 2021

जिला प्रशासन ने मांगी माफी,पूजा समितियां विसर्जन को तैयार


शहर में पिछले 2 दिनों से जिला प्रशासन और दुर्गा पूजा कमेटियों के बीच कई मसलों को लेकर तनातनी की स्थिति कायम हो गई थी। पूजा कमेटियों ने जिला प्रशासन से सार्वजनिक तौर पर माफी न मांगने तक दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन ना करने की चेतावनी दी थी। वहीं प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सह आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए प्रशासन की ओर से माफी मांगी थी लेकिन पूजा कमेटियों ने उनकी माफी को नाकाफी बताते हुए कहा था कि जिस अफसर ने गलती की है उनको ही सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी होगी अन्यथा विसर्जन नहीं होगा। इस बात को लेकर प्रशासन और पूजा कमेटियों में तनातनी थी। इसी बीच काशीडीह दुर्गा पूजा कमेटी के संरक्षक अभय सिंह ने शुक्रवार सुबह और एक नई चेतावनी जारी कर दी कि अब साकची गोल चक्कर पर तमाम पूजा कमेटियों के साथ धरना दे देंगे। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से एडीएम लॉ इन ऑर्डर एन के लाल काशीडीह दुर्गा पंडाल पहुंचे और पूजा कमेटी के संरक्षक अभय सिंह से वार्ता की और कहा कि प्रशासन और पूजा कमेटियों के बीच चल रही गलतफहमियों और संवाद गैप को दूर कर लिया गया है। यह दावा करते हुए उन्होंने कहा कि पूजा कमेटियां विसर्जन को तैयार हो गई है।वार्ता सकारात्मक रही।इधर दूसरी और वार्ता के दौरान पूजा कमेटियों ने भी जिला प्रशासन को खूब खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि हिंदुओं को कमजोर ना समझा जाए कि मंदिरों में जाकर ऐसी आपत्तिजनक कार्रवाई की जाए। हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा।
एडीएम ने वार्ता के बाद कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शांतिपूर्ण विसर्जन की अपील की।पूजा कमेटियां विसर्जन के लिए तैयार हो गई।
बता दें कि काशीडीह दुर्गा पूजा पंडाल, सिद्धगोड़ा सिनेमा मैदान, कदमा रंकिनी मंदिर में कथित रूप से प्रशासन के द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल और गाइडलाइंस का हवाला देते हुए पूजा पंडालों पर कथित कार्रवाई को कई पूजा कमेटियों के सदस्यों ने गलत करार देते हुए विरोध पर उतारू थे।
महाअष्टमी से लेकर अब तक की घटनाक्रम पर नजर
महाष्टमी को विभिन्न पूजा पंडालों में जाकर जिला प्रशासन ने कोरोना प्रोटोकॉल का हवाला देते कुछ कार्रवाई की थी जिसमें मुख्य रुप से काशीडीह स्थित दुर्गा पूजा पंडाल के बगल में मंदिर में भोग वितरण रुकवा दिया गया था और घर घर भोग भेजने की बात कही थी और घर-घर भोग भेजा गया था। उसके बाद सिद्धगोड़ा सिनेमा मैदान और कदमा स्थित रंकिनी मंदिर पर भी कार्रवाई का आरोप पूजा कमेटियों ने लगाया था।
जिसे शुक्रवार को वार्ता के दौरान एडीएम ने नकार दिया।
कोरोना प्रोटोकॉल और गाइडलाइंस के बीच दुर्गा पूजा कमेटियों और प्रशासन के बीच कई मसलों को लेकर चले आ रहे विवाद के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सह आपदा मंत्री बन्ना गुप्ता ने गुरुवार को अचानक पूजा कमेटियों के प्रशासन के प्रति आक्रोश को शांत करने के लिए प्रशासन की ओर से पूजा कमेटियों से माफी मांगी थी लेकिन यह माफी नाकाफी हो गई। सेंट्रल दुर्गा पूजा कमेटी की एक बैठक काशीडीह स्थित दुर्गा पूजा मंदिर में इस मसले को लेकर हुई जिसमें तमाम पूजा कमेटियां सहित आदित्यपुर जय राम यूथ स्पोर्टिंग क्लब दुर्गा पूजा संचालक भी शामिल थे। इसके अलावा कई हिंदू संगठनों के लोग भी बैठक में शामिल थे। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक जिला उपायुक्त सूरज कुमार तमाम दुर्गा मां श्रद्धालुओं और मंदिर संचालकों से सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगते हैं तब तक मूर्ति विसर्जन नहीं किया जाएगा। तमाम दुर्गा पूजा कमेटियों के इस निर्णय के बाद अब ऐसा लग रहा है कि इस मसले को लेकर फिर से एक बार विवाद का मसला उलझने के बजाय उलझता ही जा रहा है। मंत्री बन्ना गुप्ता की माफी नाकाफी साबित हो रही थी।
बैठक में जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि प्रशासन सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। हिंदुत्व निशाने पर है। बैठक में कहा गया कि इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ किसी भी आंदोलन के लिए तैयार हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कथित प्रशासनिक रवैये के खिलाफ सुबह से ही रणनीति तैयार हो रही थी। इसी रणनीति के तहत आदित्यपुर जयराम यूथ स्पोर्टिंग क्लब के संरक्षक मलखान सिंह, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष विनोद सिंह, राजकुमार श्रीवास्तव,भाजपा नेता भरत सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नगर कार्यवाह रवींद्र कुमार, आरएसएस के संपर्क पदाधिकारी अरविंद कुमार, बास्केटबॉल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जेपी सिंह, कांग्रेसी नेता जगदीश नारायण चौबे भी महानवमी के मौके पर अभय सिंह से मिलने उनके काशीडीह स्थित कार्यालय गए थे।
उसके बाद संध्या में तमाम दुर्गा पूजा कमेटियों की बैठक में कहा गया कि मंत्री बन्ना गुप्ता की माफी नाकाफी है। यह गैर राजनीतिक मुद्दा है। जिला प्रशासन के अफसर ने हिंदुत्व पर प्रहार करने की कोशिश की है। उसी अफसर को माफी मांगनी होगी। वरना मूर्ति विसर्जन नहीं होगा।
फिलहाल मामला सुलझ गया है प्रशासन और पूजा कमेटियों के बीच वार्ता के बाद पूजा कमेटियां विसर्जन को तैयार हो गई हैं।

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