जानकारी मिलने के बाद झारखंड पुलिस के अधिकारी भी इस इनपुट पर काम कर रहे हैं। अमन साव वर्तमान में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद है। अमन साव के गिरोह के पास एके-47 समेत कई घातक हथियार हैं। जांच में यह बात सामने आयी है कि दिसंबर 2020 में लातेहार के तेतरियाखाड़ में अमन साव गिरोह के द्वारा कोयला साइडिंग पर फायरिंग करायी गई थी। इस फायरिंग के पहले गिरोह ने अमन साव को हथियार दिए थे। वर्तमान में तेतरियाखाड़ फायरिंग केस की जांच एनआईए कर रही है।
खालिस्तानी आतंकियों को हथियार की सप्लायी करने वाला नेटवर्क सोशल साइट पर सक्रिय रहा है। सोशल साइट पर महंगे हथियारों की तस्वीर लगाकर अपराधियों का गिरोह अलग-अलग राज्यों के अपराधियों से संपर्क करता था। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने सर्विलांस के जरिए हथियार तस्कर राजेंद्र सिंह बरनाला और बबलू सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों के पास से पुलिस ने 18 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और 60 कारतूस भी बरामद किए थे। गिरफ्तारी के बाद अमन साव गिरोह को हथियार देने की बात तस्करों ने कबूली। अमन साव भी फेसबुक के जरिए लगातार हथियार के साथ अपनी तस्वीरें अपलोड करता था। जेल में बंद होने के बाद भी टेलीग्राम एप पर उसकी सक्रियता की बात पुलिसिया तफ्तीश में सामने आयी थी।
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