Friday, May 21, 2021

हाई कोर्ट ने खारिज की बापू की अंतरिम जमानत याचिका।




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कोरोना के संक्रमण के दौर में मेरा आप सबों से निवेदन है कि आप अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करें स्वस्थ रहें मस्त रहें।

जोधपुर के एम्स में कोरोना का इलाज करा रहे आसाराम बापू को हाई कोर्ट ने निराश कर दिया है। जोधपुर स्थित राजस्थान हाई कोर्ट के मुख्य पीठ में आसाराम की ओर से लगाई गई जमानत याचिका को दो जजों की खंडपीठ ने खारिज कर दिया। 
ज्ञातव्य हो की वर्ष 2013 में अपने ही आश्रम की एक नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार होने के बाद से आसाराम जोधपुर जेल में बंद है। कोर्ट ने इस मामले में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।  
मई माह के शुरुआत में आसाराम की तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले जोधपुर के गांधी अस्पताल लाया गया था जिसके बाद उसे कोविड- पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें एम्स शिफ्ट कर दिया था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार आसाराम की तबीयत स्वस्थ है, जिसके बाद उन्हें पुनः जेल भेजने की तैयारियां की जा रही है। बापू की जमानत याचिका की सुनवाई से पहले हाईकोर्ट ने एम्स से तथ्यात्मक रिपोर्ट के साथ अन्य सभी जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था। जिसके बाद जोधपुर एम्स में भर्ती आसाराम की एंडोस्कोपी की हुई, जिसमें अल्सर की शिकायत पाई गई। हाईकोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता व न्यायाधीश देवेन्द्र कच्छवाह की खंडपीठ ने एलोपैथी पद्धति से ही अल्सर का इलाज कराने की सलाह देते हुए जमानत आवेदन को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आसाराम के स्वास्थ्य में सुधार पाया जाता है तो उन्हें पुनः जेल शिफ्ट कर दिया जाए। हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज करने बाद प्रशासन द्वारा आसाराम बापू को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।



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