पुलिस ने बताया कि पत्रकार का अधजला शव बोरे में बंद था। शव की पहचान बेनीपट्टी बाजार के लोहिया चौक के रहने वाले बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश (24) के रूप में हुई है। पत्रकार के परिजनों के मुताबिक,अविनाश बीते सालों से बेनीपट्टी में चले रहे फर्जी नर्सिंग होम पर कार्रवाई के लिए कागजी प्रक्रिया कर रहा थे। इसके चलते फर्जी अस्पताल संचालन उनसे रंजिश रखते थे। परिजनों का आरोप है कि इस रंजिश के चलते फर्जी अस्पताल संचालनों ने अवनीश की हत्या कराई है।
बता दें कि कुछ दिन पहले भी 10 अगस्त को पूर्वी चंपारण में एक पत्रकार मनीष कुमार सिंह की हत्या कर हुई थी। अपराधियों ने उनका अपहरण कर यातनाएं दीं थीं, इसके बाद धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया था। मृतक के पिता भी पत्रकार हैं, हालांकि इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।
वहीं बिहार के समस्तीपुर में एक अदालत ने 13 साल पहले एक स्थानीय पत्रकार की हत्या के मामले में 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। हिंदी दैनिक के लिए काम करने वाले विकास रंजन की 25 नवंबर 2008 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त वह जिले के रोसेरा उपखंड स्थित अपने दफ्तर से बाहर निकल रहे थे।
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