Friday, October 1, 2021

युवा अधिराज बरुआ साईकिल से भारत भ्रमण पर निकला, लद्दाख में नवनिर्मित सडक़ उमलिंगला तक पहुंचना लक्ष्य


 गौतम बुद्ध से आशीर्वाद लेकर दुनिया को शांति व जबरन बाल विवाह रोकने का संदेश देने शहर के 27 वर्षीय युवा अधिराज बरुआ आज साईकिल से भारत भ्रमण पर निकल पड़े. साकची बोधि सोसायटी के स्वामीजी ने उसे झंडी दिखाकर रवाना किया. कदमा उलियान के सिंडिकेट कॉलोनी निवासी आलोक रंजन बरुआ के पुत्र अधिराज का सपना लद्दाख में नवनिर्मित सडक़ उमलिंगला तक पहुंचना है, जो समुद्री तल से लगभग 19300 फीट ऊंची है. ऐसा कर वे अपने नाम रिकार्ड बनाना चाहते हैं. अधिराज के पिता आलोक भी 25 वर्ष की उम्र में सन 1987 में साईकिल से ही पूरे देश का भ्रमण कर चुके हैं.
इस मौके पर अधिराज ने बताया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि यह रिकार्ड उनके नाम होगा. वे बहरागोड़ा होते हुए बालासोर, कटक, भुवनेश्वर, पुरी (ओडि़सा) का भ्रमण करते हुए छत्तीसगढ़, रायपुर, बिशाखापट्टनम, हैदराबाद, चैन्नई, मदुरै, कन्याकुमारी, कचिन, मंगलौर, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर होते हुए लद्दाख पहंचने की रोड मैप तैयार की है. यही नहीं आगामी 15 अगस्त, 2022 को संसार की सबसे ऊंची सडक़ उमलिंगला जाएंगे और राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे. इस भारत भ्रमण अभियान में अधिराज लगभग 22 हजार किलोमीटर की यात्रा साईकिल से तय करेंगे. जिसमें अनुमानित समय डेढ़ वर्ष है. इस तरह लद्दाख से निकलकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय होते हुए न्यू जलपाईगुड़ी, मुर्शिदाबाद, कोलकाता, खडग़पुर होते हुए वर्ष 2023 में फरवरी माह के अंतिम सप्ताह अपने गृहनगर जमशेदपुर पहुंचेंगे. आज अधिराज को भारत भ्रमण के लिये रवाना करनेवालों में उनके पिता आलोक बरुआ सहित, देवजीत सरकार, पूरोबी घोष, अपर्णा गुहा सहित पारिवारिक सदस्य भी मौजूद थे.
अधिराज को अपने उद्देश्य में सफल होने तथा शुभकामना देते हुए उनके पिता आलोक बरुआ ने बताया कि कदमा केरला पब्लिक स्कूल से 12वीं उत्तीर्ण होने के बाद अधिराज ने दिल्ली से इंटीरियर डिजाइन का कोर्स किया तथा एक निजी कंपनी में बतौर डिजाइनर कार्यरत है. उन्हें गर्व है कि उनका पुत्र एक महान संदेश लोगों को देने के लिये यात्रा पर निकले हैं. इस दौरान व स्कूल, कॉलेज आदि स्थानों में जाकर अपनी बातों को रखेंगे. उम्मीद है कि वे लौहनगरी का नाम जरुर ऊंचा करेगा.

No comments:

Post a Comment