Thursday, September 23, 2021

ग्रेजुएट कॉलेज में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर किया गया वेबीनार का आयोजन।


आज  ग्रेजुएट कॉलेज के हिंदी विभाग के द्वारा सेमेस्टर फोर की छात्राओं ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती पर एक वेबीनार का आयोजन किया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में कॉलेज के शिक्षक राकेश कुमार पांडे उपस्थित थे। राकेश पांडे ने वेबीनार में अपने वक्तव्य रखते हुए कहा कि दिनकर राष्ट्र की आवाज थे । 
उन्होंने अपने काव्य के माध्यम से देश के अंदर राष्ट्र की भावना जगाने का काम तो किया ही, साथ ही साथ व्यक्ति के अपने दायित्व और कर्तव्य को निभाने के लिए भी प्रेरित किया । दिनकर ने को क्षेत्र में कुरुक्षेत्र में स्पष्ट कहा है कि, यूं तो व्यक्ति को युद्ध से अलग रहना चाहिए, लेकिन जब आप पर युद्ध थोप दिया जाए तो युद्ध करना आपका कर्तव्य है उसके परिणाम पर आंसू बहाना वीरता का अपमान होता है । युद्ध अशांति का द्योतक है, लेकिन जब दुश्मन युद्ध की भाषा ही समझता हो तो युद्ध कर लेना हीं मनुष्य का दायित्व है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दिनकर स्पष्ट वादी और निडर स्वभाव के कवि थे । तभी तो नेहरू ने उन्हें राज्यसभा से सांसद बनवाया था ,लेकिन चीन के युद्ध में हार के बाद संसद में दिनकर जी ने जो कविता पढ़ी उससे पंडित नेहरू काफी लज्जित हुए, और उनका माथा शर्म से झुक गया था। आज भी उस कविता का उदाहरण यदा-कदा आज भी संसद में दिया जाता है। इस वेबीनार में प्रीति कुमारी सिंह, पुतुल कुमारी ,और शिल्पा ने भी अपने विचार रखें।
 कार्यक्रम में प्रमुख रूप से किरण कुमारी, निशु उपाध्याय, ज्योति कुमारी, नेहा कुमारी, पुजा कुमारी सहित दर्जनों छात्राएं उपस्थित थी।

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