Saturday, August 7, 2021

ऑटो आंदोलन से जन्मे मंत्री बन्ना गुप्ता आज जमशेदपुर की सडकों पर खुद ऑटो चलाते दिखे।


ऑटो आंदोलन से जन्मे मंत्री बन्ना गुप्ता आज जमशेदपुर की सडकों पर खुद ऑटो चलाते दिखे. अहम बात यह है कि मंत्री जैसा बड़ा पद मिलने के बाद भी बन्ना गुप्ता में एक सहज व सरल व्यक्तित्व झलकता है. उनके आचार विचार के लोग कायल हैं. बन्ना गुप्ता इस बात को बड़े गर्व से स्वीकार करते हैं कि ऑटो चालकों के समर्थन उनके प्यार की वजह से ही वे विधायक व मंत्री हैं. बात बड़ी है, कि आज भी वे ऑटो चालकों के प्यार व नैतिक समर्थन को भुले नहीं हैं. ऑटो चालकों के प्रति उनका प्यार आज मंत्री बनने के बाद भी स्वास्थ मंत्री में दिखता है. बन्ना गुप्ता जिंदाबाद का नारा और ऑटो के पीछे दौड़ती भीड़ किसी चुनाव का माहौल नहीं यह भीड़ मंत्री बन्ना गुप्ता से प्यार करने वाले ऑटो चालकों की थी. जिनके बदौलत कई बार विधायक और आज मंत्री बने है ,जो मंत्री बनने के बाद आज भी सहज है, जिसकी एक तश्वीर जमशेदपुर की सडकों पर दिखी. जहा वे अचानक साकची ऑटो स्टैंड पहुचे और अपने ऑटो चालकों का कुशल छेम पूछा. ऑटो पर बैठ गए जहा ऑटो चालकों के निवेदन के बाद ऑटो स्टार्ट कर अपने ऑटो चालकों को बैठा कर सड़क पर चलने लगे. जहा पीछे पीछे लोग दौड़ते हुए बन्ना गुप्ता जिंदाबाद का नारा लगाने लगे. इस बवात जब बन्ना गुप्ता से बात हुई तो बताया कि मंत्री बाद में, पहले ऑटो चालकों के हैं. हमें इनकी समस्याओं को दूर कराना है. तमाम ऑटो को cng में बदलवाना है. जिसे धीरे धीरे आराम से कराया जाएगा.

बन्ना गुप्ता यू ही नहीं हैं बन्ना गुप्ता 

बन्ना गुप्ता यू ही नहीं बन्ना गुप्ता हैं. अभी 5 दिनों पहले की तो बात है. स्वास्थ्य मंत्री स्कॉट व काफिला के साथ बागबेड़ा कॉलोनी एक कार्यक्रम में आ रहे थे. रामनगर हनुमान मंदिर के पास एक ऑटो चालक को पैदल जाते देख बन्ना गुप्ता उसे पहचान गये. बस क्या था. बन्ना गुप्ता का काफिला रुक गया. उन्होंने आवाज देकर ऑटो चालक अजय दुबे को बुलाया और उनका कुशल क्षेम पूछा. फिर क्या था. बन्ना गुप्ता जिंदाबाद के नारे लगने लगे. काफी लोग जमा हो गये. एक टेम्पो चालक को देखकर मंत्री का रुकना आज के दिन बड़ी बात है. इस वाक्या को बताते हुये अजय दुबे भाउक हो गये और कहा कि नेता व मंत्री तो बहुत देखा, जनप्रतिनिधियों की बात तो छोड़िये ऐसा व्यक्ति तो मैने नहीं देखा है. इतना ही नहीं अजय दुबे से वायदा कर आगे बढ़े कि लौटते वक्त जरुर आ रहा हूं. लौटते वक्त आये और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया. अगर वोट की बात है तो बागबेड़ा में उनके वोटर नहीं हैं. लेकिन गुजरे वक्त को नहीं भूलना बन्ना गुप्ता की महानता नहीं तो और क्या है।

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