Friday, August 27, 2021

यातायात पुलिस कर रही है वाहन चालकों से भयादोहन - पप्पू


यातायात पुलिस वाहन चालकों से भयादोहन कर रही हैं. हेलमेट चेकिंग के नाम पर शहर के वाहन चालकों को डरा धमका कर नजाज रूप से पैसे वसूल करती है. भारी वाहनों से सेटिंग गेटिंग कर नो एंट्री में वाहन चलवाती है और शहर में जगह- जगह रोड किनारे भारी वाहनों को गैर कानूनी तरीके से पार्किंग बना कर खड़ा करवाती है. उन पर कार्रवाई नहीं होती. अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने एक बयान जारी कर उक्त बातें कहीं हैं. उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत उपायुक्त से लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक करेंगे. अगर यातायात पुलिस गैरकानूनी काम बंद नहीं की तो उसके खिलाफ रांची हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे. यातायात पुलिस खुलेआम मोटर वैकिल्स नियम का उल्लंघन कर रही है. दो चक्का वाहनों को घेरकर रोड पर रोकती है और कागजात दिखाने के नाम पर दो सौ, चार सौ और पांच सौ लेकर छोड़ देती है. शहर में जाम हटाते हुए कभी नहीं देखा गया यातायात पुलिस को. जमशेदपुर वासी सड़कों पर रेंगते हुए नजर आते हैं और यातायात पुलिस वसूली में मगन है. उन्होंने जिले के उपायुक्त और एसएसपी से मांग की है कि शहर में 70 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. उसकी जांच की जाए और यातायात पुलिस की करतूत साफ नजर आएगी. ट्रैफिक डीएसपी यातायात व्यवस्था को ठीक करने के लिए सड़क पर तो दिखते हैं, लेकिन उनके अधीनस्थ पुलिस वाले सिर्फ दो चक्का वाले को डरा धमका कर वसूली में मस्त है. कहा जाता है कि ट्रैफिक पुलिस की लोकल ट्रांसपोर्टरों से मिलीभगत है. रोड किनारे भारी वाहनों का अवैध पार्किंग है. आप देख सकते हैं जेम्को मोड़ से लेकर गोविंदपुर मोड़ तक बर्मामाइंस से लेकर बस पड़ाव तक और साकची आर डी टाटा गोल चक्कर से लेकर बर्मामाइंस तक भारी वाहन सड़क पर दिखेंगे. उन पर कोई कार्रवाई ट्रैफिक डीएसपी नहीं करते हैं. अगर नो एंट्री में भारी वाहन से किसी की मौत होती है तो ट्रैफिक पुलिस पर हत्या का मामला चलना चाहिए. क्योंकि भारी वाहन नो एंट्री के वक्त शहर में कैसे प्रवेश करती है जांच हो. अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने कहा है कि एक ज्ञापन भेजकर जिले के उपायुक्त और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग करेंगे कि जमशेदपुर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारी जाए या तो ट्रैफिक एसपी का पद स्रजित कर दिया जाए।

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