ब्राह्मण युवा शक्ति संघ ने कहा कि ना तो सरकार ब्राह्मणों को गुजारा भत्ता दे रही है, और ना ही मंदिरों को खोलने की अनुमति मिल रही हैं. ब्राह्मण युवा शक्ति संघ के अध्यक्ष अप्पु तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता को ब्राह्मणों के हितों की चिंता करनी चाहिए. कई ब्राह्मण दाने दाने को मोहताज हैं. आर्थिक तंगी के कारण कईयों के सामने आत्महत्या करने जैसी स्थिति उतपन्न हो रही है. समय रहते सरकार को इस सम्बंध में उचित हस्तक्षेप करना चाहिए. अप्पु तिवारी ने कहा कि अपरिपक्वता और उपेक्षा का आलम यह है कि झारखंड में मदिरालय खुले हैं, किंतु देवालयों को हेमंत सरकार ने बंद रखी है. कोविड के प्रभाव के बाद अब स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन पुजारियों और मंदिरों के प्रति सरकार और प्रशासन के अलावे राजनीतिक पार्टियों की भी चिंता नहीं हैं।
इधर ज्ञापन सौंपने पहुँचें पुजारियों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर शंखनाद कर के कुम्भकर्णी निंद्रा में सो रही सरकार को जागृत करते हुए अविलंब निर्णय लेने की माँग की. अन्यथा ज़ोरदार आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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