मिली जानकारी के अनुसार पूर्व मुखिया को पाकुड़ जिले की जोरडिहा पंचायत के अमरभीटा गांव से गोड्डा ले जाना था। इस रास्ते पर सड़क न होने के चलते पूर्व मुखिया को खाट पर लादकर लोगों ने करीब पांच किलोमीटर की दूरी पैदल तय की। मुख्य सड़क तक ले जाने का बाद एक निजी वाहन से उन्हें गोड्डा ले जाया गया। इस बीच कई ग्रामीणों ने गांवों में सड़क और अन्य सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि सरकार इस ओर ध्यान दे।
ग्रामीणों ने कहा कि सुविधाओं के अभाव में बीमारी की हालत में लोगों और उनके परिवारीजनों को अक्सर परेशान होना पड़ता है। उन्हें अस्पताल तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है।
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