रांची में 5 दशक पूर्व बने भवनों को तोड़ने का आदेश तुगलकी फरमान _ संजय पोद्दार।


झारखंड प्रदेश वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश सचिव संजय पोद्दार ने रांची में 5 दशक पूर्व बने भवनों को रांची नगर निगम द्वारा तोड़े जाने के आदेश की निंदा करते हुए कहा कहीं से भी यह उचित प्रतीत नहीं होता । 1950 -60 के दशक में इस भवनों का निर्माण किया गया था। भवन के द्वारा होल्डिंग टैक्स, बिजली बिल,मिटर, म्युनिसिपल टैक्स, दिया जा रहा है। सरकार द्वारा जो माप दंड तय किए गए हैं इस के अनुरुप सभी प्रक्रिया को पूरा किया जाने के बावजूद निगम द्वारा भवनों को अवैध बताकर तोड़ा जा रहा है। अभी कोरोना काल में ऐसे ही व्यापारियों के कारोबार चौपट हो गए हैं ।व्यापार को लेकर कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वह निगम बरसो पुराने बनें भवनों को तोड़ने का आदेश दे रही है। अगर भवन अवैध था तो इन 50 वर्षों से निगम कहा सोई हुई थी। यह भवन का निर्माण तब हुआ था जब शायद नगर निगम की स्थापना भी नहीं हुई थी। सम्मेलन सरकार से मांग करती है कि पूर्व के नियमितीकरण योजना को प्रभावी बनाते हुए रेगुलराइजेशन बिल लाए और अविलंब इस भवनों को तोड़ने के आदेश निरस्त करें ।

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