Friday, July 30, 2021

राँची में बने बिना नक्शा के भवनों को बचाने उपमहापौर के नेतृत्व में सभी वार्ड के पार्षद लेंगे न्यायालय की शरण।


विगत कुछ दिनों से राँची शहर में जिला प्रशासन और राँची नगर निगम के द्वारा अतिक्रमण हटाने का काम चलाया जा रहा हैं । साथ ही शहर में अवस्थित वैसे भवन जो पूर्व में बने हुए है , जिसका नक्शा नहीं बना हुआ है , उन्हें भी नोटिस दिया जा रहा है । जिससे राँची शहर की जनता भय के माहौल में जी रहे हैं । उच्च न्यायालय द्वारा नदी , नालों को अतिक्रमण मुक्त करने को कहा गया है । लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के आड़ में प्रशासन द्वारा राँची शहर में पूर्व में बने मकान जिसका नक्शा पास नहीं हैं , उसे तोड़ने को लेकर नोटिस जारी किया जा रहा है । गौरतलब है की राँची शहर में कई ऐसे मकान है जो की भू - हरी जमीन , खास महल जमीन एवं आदिवासी जमीन में मकान बनाया हुआ हैं जिसका नक्शा पास नहीं किया जा सकता । ऐसे लगभग 1 लाख 80 हजार मकान है , जिसके ऊपर तोड़ने का खतरा मंडरा रहा है , क्या सरकार राँची शहर के 1 लाख 80 हजार घर तोड़ पाएंगे , अगर नहीं तो इस तरह का भय का माहौल बनाना उचित नहीं हैं । 

इस गंभीर विषय को देखते हुए संजीव विजयवर्गीय उप - महापौर की अध्यक्षता में 33 वार्ड पार्षदगणों के साथ बैठक की गयी है । इस बैठक में राँची में भवन तोड़ने के लिए दिए जा रहें हैं नोटिस पर समीक्षा की गयी। जिसमें सर्वसम्मत्ति से निर्णय लिया गया कि रांची डिप्टी मेयर संजीव विजयवगीय के नेतृत्व में सभी पार्षद PIL के माध्यम से राँची शहर के सभी भवनों को Regularize कराने के लिए न्यायालय के शरण में जाएंगे । इसमें डिप्टी मेयर के साथ सभी पार्षद पार्टी बनेंगे । साथ ही राँची शहर के कई स्वयंसेवी संस्था , सामाजिक संस्था के साथ बुद्धिजीवी वर्ग Petitioner बनेंगे । कई वर्षों से नगर विकास विभाग से पूर्व में बने भवनों को Regularize कराने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन झारखण्ड सरकार के द्वारा अब तक पूर्व में बनें भवनों को Regularize कराने हेतु किसी तरह की गाईड लाईन नहीं आने के कारण राँची शहर के जन - प्रतिनिधि न्यायालय के शरण में जाने को बाध्य हो गये हैं , जिससे की इस गंभीर विषय का समाधान त्वरित गति में किया जा सकें ।

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