दोस्तों नमस्कार
कोरोना के संक्रमण के दौर में मेरा आप सबों से निवेदन है कि आप अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करें स्वस्थ रहें मस्त रहें।
कोरोना का कहर अब भी जारी है । जमशेदपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के संस्थापक संरक्षक मोहन लाल अग्रवाल का आज रांची के पल्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में निधन हो गया।वे कोरोना से संक्रमित थे।लगातार 20 दिनो तक श्री अग्रवाल कोरोना से जंग लड़ते रहेे लेकिन अंततः कोरोना से हार गए । जमशेदपुर में छोटे व्यापारियों दुकानदारों के मुखर आवाज के तौर पर उनकी पहचान थी। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के समानांतर छोटे व्यवापारियों एवम् दुकानदारों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए मोहन लाल अग्रवाल ने जमशेदपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स को खड़ा किया।उनका मानना था की सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स तथाकथित कुछ बड़े व्यापारियों की पॉकेट संस्था बन कर रह गई।इसलिए उन्हें छोटे व्यापारियों का दर्द समझ में नहीं आता।छोटे व्यापारियों के इस लड़ाई में उन्हे कई बार प्रशासन और पुलिस का कोपभाजन भी सहना पड़ा वे जेल भी गए लेकिन झुके नहीं रुके नहीं।यही वजह है की आज जमशेदपुर में व्यापारियों में शोक की लहर है।
जमशेदपुर होटलियर्स एसोसियेशन के पूर्व अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने मोहन लाल अग्रवाल के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने की कामना की।उन्होंने कहा की मोहन लाल अग्रवाल जुझारू प्रवृत्ति के व्यक्तित्व के थे। छोटे व्यापारियों के दुख दर्द में हमेशा खड़े रहते थे।उन्होंने कहा की बड़े सरल सहज लेकिन दृढ़ निश्चयी थे। उनकाबजूद सभी वर्गों से रहा यही कारण है की वे सफल रहे। प्रभाकर सिंह के कहा की जमशेदपुर के छोटे व्यापारियों ने अपना अभिभावक खो दिया है।उन्होंने कहा की हमलोग उनके बताए हुए रास्तों पर चलने का हर संभव प्रयास करेंगे।मोहन लाल अग्रवाल अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
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