मोदी सरकार की साख पर लगा कोरोना का ग्रहण।

दोस्तों नमस्कार
कोरोना के संक्रमण के दौर में मेरा आप सबों से निवेदन है कि आप अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करें स्वस्थ रहें मस्त रहें।

 कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देश में भारी तबाही मचाई। लोग अभी भी कोरोना के कहर से उबर नहीं पाए है। हालांकि धीर धीरे कोरोना का संक्रमण दर कम हो रहा है।लेकिन यह भी सच है की दुनिया में पहली बार किसी देश में चार लाख से ज्यादा दैनिक मामले सामने आए। कुल मृतकों की संख्या भी तीन लाख के पार पहुंच गया। कोरोना के दूसरे लहर ने देश में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल कर रख दिया। वहीं इस कठिन घड़ी में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जनता के प्रति गैरजिम्मेवार व्यवहार से लोगो में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ी है। जिस प्रकार ऑक्सीजन,दवा और संसाधनों के अभाव में लोग दम तोड रहे थे।उस हृदय विदारक घटनाओं ने लोगो को अंदर तक झंकझोर कर रख दिया। इन सबके बीच, मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दो 
साल पूरे हो गए। कोरोना की वजह से मोदी सरकार की जहां आलोचना हो रही है। वहीं मोदी सरकार के प्रति लोगो की नाराजगी भी बढ़ी है। विशेष कर गंगा में बहती लाशों और गंगा के घाटों में बालू में दफन लाशों से अंतरराष्ट्री स्तर पर मोदी सरकार की छवि धूमिल हुई है। उत्तर प्रदेश में जिस प्रकार की अव्यवस्था का आलम था।उससे मोदी सरकार की काफी बदनामी हुई। सरकार द्वारा डैमेज कंट्रोल का हर संभव प्रयास किया गया और वर्तमान में जारी लेकिन लोगो की नाराजगी कम होती दिख नहीं रही है।
एक ताजा सर्वे में मोदी-2.0 से नाराजगी की सबसे बड़ी वजह कोरोना महामारी बनी है। इस सर्वे में कहा गया है कि दूसरे कार्यकाल में मोदी सरकार जिस प्रकार से कोरोना से निपटने में कमजोर रही है, उससे लोग काफी नाराज हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में यह नाराजगी शहर में रहने वाले लोगों में काफी अधिक है।
न्यूज चैनल एबीपी न्यूज-सी वोटर द्वारा मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर एक सर्वे किया गया है। इस सर्वे में शहर में रहने वाले 44 फीसदी लोग मोदी सरकार के कोरोना से निपटने को लेकर खासा नाराज हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में यह नाराजगी 40 फीसदी है। सर्वे के अनुसार, अन्य मुद्दों को लेकर शहरी क्षेत्र के 20 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र के 17 फीसदी लोगों ने मोदी सरकार के प्रति अपनी नाराजगी दिखाई है।
एबीपी न्यूज-सी वोटर का यह सर्वे 23 मई से 27 मई के बीच में किया गया है। 

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