दोस्तों नमस्कार
कोरोना के संक्रमण के दौर में मेरा आप सबों से निवेदन है कि आप अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करें स्वस्थ रहें मस्त रहें।
चक्रवाती तूफान यास के कहर का असर झारखंड विधानसभा के नए भवन में भी दिखा। लगातार 2 दिन हुई बारिश' को भी नहीं झेल पाया झारखंड विधानसभा का नया भवन। लगातार 2 दिन वही बारिश के वजह से झारखंड विधानसभा के नए भवन के पहले तल्ले के वेस्ट विंग के कॉरिडोर की फॉल्स सीलिंग अचानक तेज आवाज के साथ गिर गई। घटना के वक्त कार्यालय में लोगों की उस्थिति आम दिनों की अपेक्षा बहुत कम थी। यदि आम दिनों की तरह कार्यालय चलता तो बड़ी घटना हो सकती थी। यह घटना वेस्ट विंग में विधानसभा सचिव के दफ्तर के पास की है। वेस्ट विंग में सचिव के कार्यालय के अतिरिक्त कई अधिकारियों के भी कार्यालय हैं। विधानसभा प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। सचिव महेंद्र प्रसाद ने भवन निर्माण विभाग को पत्र भेज कर सीलिंग की मरम्मत कराने के साथ-साथ पूरे भवन में जलजमाव और फॉल्स सीलिंग की स्थिति का जायजा लेने को कहा है। नए भवन के रखरखाव के लिए विधानसभा प्रशासन द्वारा कई बार राज्य सरकार को पत्र लिखा गया है। गौरतलब है कि विधानसभा के नए भवन के पुस्तकालय का सीलिंग भी इसी प्रकार गिर चुका है।विधानसभा का बड़ा हिस्सा आग लगने के कारण जल गया था।तब भवन में फायर सिस्टम पीआर भी सवाल उठे थे। 39 एकड़ में 465 करोड़ रुपए के लागत से निर्मित झारखंड विधान सभा का नया भवन आए दिन अपने निर्माण हुए भ्रष्टाचार की कहानी इस हादसों के माध्यम से बया करता रहता है। बड़ा सवाल यह है की प्रदेश के माननीयों के बैठने का स्थान जब सुरक्षित नहीं तो आम लोगो के लिए बनाए जाने वाले भवनों की गुणवता का आप सहज ही अंदाजा लगा सकते है।
।
No comments:
Post a Comment