वेक्सीन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। कौन वेक्सीन कितना असरदार होगा,यह व्यक्ति की शारीरिक संरचना और क्षमता पर निर्भर करता है। - डा ० विजय कुमार

दोस्तों नमस्कार
कोरोना के संक्रमण के दौर में मेरा आप सबों से निवेदन है कि आप अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करें स्वस्थ रहें मस्त रहें।
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कोरोना टीकाकरण में एक-दो ऐसे मामले भी सामने आए जिसमें एक व्यक्ति को पहला टीका कोविशील्ड तो दूसरा टीका कोवेक्सिन लगाया गया। अलग-अलग टीके लगने के बाद से यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस तरह से टीका लगाना सही है या नही। 
नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा कि एक व्यक्ति को पहली खुराक दूसरे टीके की और दूसरी खुराक किसी और टीके लगाना वैज्ञानिक और सैद्धांतिक रूप से यह संभव है लेकिन, यह तय करने में समय लगेगा कि क्या इसकी सिफारिश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस बारे में ठोस प्रमाण नहीं है आने वाले समय में ही यह पता चल सकेगा। दरअसल, यूके के एक हालिया अध्ययन में पाया गया है कि विभिन्न प्रकार के टीकों की खुराक को मिलाना सुरक्षित है, लेकिन इसके कई दुष्प्रभाव भी होंगे, जी अध्ययन से ही पता चला है।
वीके पॉल ने कहा निश्चित रूप से यह नहीं कहा जा सकता है कि खुराक के मिश्रण का अभ्यास किया जा सकता है। कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अब समय ही बताएगा कि भविष्य में ऐसा किया जाएगा या नहीं। यह अंतरराष्ट्रीय अध्ययन, विश्व स्वास्थ्य संगठन के निष्कर्षों आदि पर निर्भर करेगा। हमारे विशेषज्ञ भी लगातार अध्ययन कर रहे हैं।
कुछ अध्ययन में यह पाया गया है कि दो खुराकों को मिलाना सुरक्षित है। लगभग 2000 स्वयंसेवकों पर ऐसा ट्रायल भी किया गया है। जिसमें कुछ को पहली बार ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन की दी गई और दूसरा डोज फाइजर का दिया गया था, तो वहीं कुछ में मॉडर्ना और नोवावैक्स का टीका भी आजमाया गया था। हालांकि, यह ट्रायल इस उद्देश्य से नहीं किया गया था कि दो अलग-अलग खुराकों का मिश्रण कोरोना के खिलाफ प्रभावी है या नहीं। इसका उद्देश्य स्वयंसेवकों की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया की जांच करना था। इस संबंध में जब हमने सीनियर फिजिशियन डा० विजय कुमार से बात की तो उनका साफतौर पर मानना था की भारत में फिलहाल दो वेक्सीन उपलब्ध है। कोविशील्ड और कोवेक्सिन दोनो ही टीके हमारे शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करते है। उन्होंने बताया की यह व्यक्ति के शारीरिक संरचना और इम्यूनिटी पर निर्भर करता है की कौन सा वेक्सीन किसके लिए ज्यादा असरदार है।उन्होंने बताया की दोनो वेक्सीन के एक एक खुराक निश्चित समय अंतराल पर लिया जा सकता है। लेकिन इसके प्रभाव से संबंधी कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नही है। एक सवाल के ज़बाब में उन्होंने बताया की वेक्सीन के दोनो डोज लेने बाद भी लोगों की मृत्यु का कारण उस व्यक्ति में वायरस लोड अर्थात इस व्यक्ति के अंदर वायरस कितने मात्रा में मौजूद है, साथ ही व्यक्ति के अंदर जो दुसरी बिमारीया उनके शरीर के प्रतिरोधक छमता को कमजोर बनाती है , यह उस निर्भर करता है। वही उन्होंने कहा की वेक्सीन लेने के बाद भी सावधानी बरतनी जरूरी है।मास्क और सेनेटाइजर का प्रयोग करते रहे।ब्लैक फंगस के संबंध में डा० कुमार ने बताया की ब्लैक फंगस के फैलने के कारणों का पता तो रिसर्च के बाद ही चल पाएगा।लेकिन कोरोना संक्रमण से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिसके कारण कई प्रकार की बीमारी होने की संभावना रहती है। 

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