दोस्तों नमस्कार
कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है।मैं आप।लोगों से निवेदन करता हूं।को आप भीड़ में जाने से बचे।मास्क और सेनेटाइजर का प्रयोग करे।स्वस्थ रहें मस्त रहें।
कोल्हान प्रमंडल का एक मात्र सबसे बड़ा सरकारी एमजीएम अस्पताल है। जो आये दिन अपने बदइंतजामी अभाव और लापरवाहियों के कारण अखबार की सुर्खियों में बना रहता था लेकिन आज कोरोना जैसे वैश्विक महामारी के दौरान जब निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन दवाई और समुचित इलाज के अभाव में मरीजों की मौतें हो रही है ऐसे में कोल्हान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल एमजीएम आज कोरोना के दूसरे लहर में संक्रमित मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल में कोल्हान के तीनो जिलों के अतिरिक्त बंगाल और उड़ीसा के सीमावर्ती इलाकों से भी मरीज यहां अपना इलाज कराने आते हैं। कोरोना के दूसरे लहर के दौरान जब निजी अस्पतालों में मुंह मांगी पैसे देने के बावजूद लोगों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है ऐसे में एमजीएम अस्पताल अपने सीमित संसाधनों से ही कोरोना संक्रमित मरीजों का बेहतर इलाज कर रहा है जिसके कारण निजी अस्पतालों के अपेक्षा एमजीएम में कोरोना से होने वाली मृत्यु दर कम है। उल्लेखनीय है कि कोरोना के पहले दौर के समय पूर्वी सिंहभूम के तत्कालीन उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला के अथक प्रयास से एमजीएम अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था साथ ही एमजीएम अस्पताल में बने नए भवन को कॉविड वार्ड के रूप में तैयार किया गया था।जिसके तहत पाइप लाइन के माध्यम से सभी बेड पर ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी। जिससे कोरोना संक्रमित मरीज जिन्हे ऑक्सीजन की आवश्यकता हो उन्हे तुरंत ऑक्सीजन दिया जा सके। वही कोविड वार्ड की साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।बिना किसी भेदभाव के यहां मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। गंभीर रूप से बीमार भी एमजीएम से ठीक हो कर अपने घर जा रहे हैं। यह तत्कालीन उपायुक्त के दूरदर्शिता का ही परिणाम है की कोरोना के दूसरे लहर में जब निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर अफरातफरी का आलम है ऐसे में एमजीएम अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन की कोई कमी नही है। कोल्हान प्रमंडल का एक मात्र सबसे बड़ा अस्पताल होने के कारण यहां बेडों की संख्या भी अधिक है। खोटे सिक्के की तरह ही सही इस विषम परिस्थिति में एमजीएम अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों का बेहतर इलाज हो रहा है।
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