दोस्तों नमस्कार
वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान अनावश्यक रूप से भीड़ भाड़ में जाने से बचें। नियमित रूप से मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करें। स्वस्थ रहें मस्त रहें।
नक्सलियों का गढ़ के तौर पर विख्यात छत्तीसगढ़ के बस्तर का क्षेत्र में भी कोरोना के कहर का असर साफ दिख रहा है। बस्तर के जंगलों में पनाह लिए नक्सलियों को कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने बेचैन कर दिया है। नक्सल संगठन में तेजी से फैल रहे संक्रमण से भगदड़ के हालात बन गए हैं। एक दर्जन से ज्यादा नक्सली संगठन छोड़कर गांव भाग गए हैं। इसकी जानकारी नक्सलियों के उस पत्र से मिली, जिसे बीजापुर में मुठभेड़ के बाद पुलिस ने बरामद किया था। पत्र से पुलिस को उन नक्सलियों से संबंधित जानकारी मिली, जो संगठन से विद्रोह कर भाग गए हैं। पुलिस अब इन नक्सलियों के परिवार वालों से संपर्क साधने का प्रयास कर रही है, ताकि उनका आत्मसमर्पण कराया जा सके। जानकार सूत्र बताते है किकोरोना मामले में नक्सल संगठन में हीं दो फाड़ हो गया हैं। नक्सल लड़ाके चाहते हैं कि अभी युद्धविराम कर कोरोना से बचने के उपाय किए जाएं। जबकि जोनल कमेटी के नक्सल नेता हमले की रणनीति बनाने में जुटे हैं। उन्हे कोरोना से संक्रमित नक्सली की चिंता बिलकुल भी नहीं है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान दंतेवाड़ा एसपी डाॅ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि नक्सली नेता रोज अपने लड़ाकों की बैठक ले रहे हैं। इसके लिए उन पर दबाव डाला जा रहा है। बीमार होने के बावजूद उन्हें बैठक में आने को कहा जा रहा है। उन्हें न मास्क दिया जा रहा न सैनिटाइजर। नेताओं की हरकत से परेशान कई नक्सली इस फिराक में हैं कि मौका मिले तो भागकर पुलिस के पास चले जाएं। पुलिस के पास जाने पर कम से कम जान तो बच जाएगी। अभी पिछले दिनों ही कांकेर जिले में एक नक्सल जोड़े ने पुलिस की शरण ली थी। यह दोनों पति-पत्नी कोरोना से संक्रमित थे। उन्होंने आत्मसमर्पण की गुहार लगाई पर उनकी हालत को देखते हुए आइजी सुंदरराज पी ने आदेश दिया कि पहले उनका उपचार कराया जाए। आत्मसर्मपण की औपचारिकता तब पूरी कर लेंगे जब वह स्वस्थ हो जाएंगे। कवर्धा जिले में दो नक्सली गिरफ्तार किए गए । यह दोनों भी कोरोना संक्रमित हैं। कुछ दिनों पहले नारायणपुर पुलिस ने दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। वह दोनों कोरोना संक्रमित मिले थे। सूत्र बता रहे कि नक्सलियों की दरभा डिवीजन, दक्षिण व पश्चिम बस्तर डिवीजन में दर्जनों नक्सली कोरोना पीड़ित हैं। संक्रमण तेजी से फैल रहा है और उपचार का कोई इंतजाम नहीं है।बस्तर के आइजी सुंदरराज पी ने बताया कि कोरोना आपदा को भुनाने के लिए फोर्स ने रणनीति बना ली है। इसके तहत बीमार नक्सलियों का समर्पण कराने के लिए उनके स्वजन को प्रेरित करने, उनका सप्लाई नेटवर्क तोड़ने व उनके ठिकानों पर छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार करने की योजना है। वहीं जो नक्सली संगठन छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस इनसे संपर्क करने का प्रयास कर रही है।
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