दोस्तों नमस्कार
कोरोना के संक्रमण के दौर में मेरा आप सबों से निवेदन है कि आप अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करें स्वस्थ रहें मस्त रहें।
जमशेदपुर में ३० मई से 5 जून तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता परम पूज्य पंडित प्रदीप मिश्रा सीहोर वाले ( मध्य प्रदेश) द्वारा शिव पुराण कथा का पाठ किया जायेगा। कथा का आयोजन डॉ गोपा सिन्हा द्वारा अपने ससुर बंस नारायण सिन्हा सास फूल सुंदरी सिन्हा तथा पति डॉ किशलय नारायण सिन्हा की याद में कराया जा रहा है।डॉ किशलय नारायण सिन्हा की मृत्यु सितम्बर २०२० में कोरोना से हो गयी थी। डॉ गोपा सिन्हा ने बताया की यह कथा विश्व शांति और कोरोना से मुक्ति के लिए कराई जा रही है। कथा के प्रथम दिन महाराज प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण की कथा का वर्णन करते हुए बताया क़ि २४००० श्लोक की शिव महापुराण कथा का एक एक श्लोक हमारे मार्ग नयी दिशा देता है हमें एक नयी राह मार्ग पर ले जाता है और वह मार्ग है प्रभु के श्री चरणों का जिसमे सभी प्रकार का सुख आनंद का अनुभव होता है। उन्होंने आगे शिव महापुराण की कथा पर प्रकाश डालते हुए बताया की यह कथा त्रिवेणी संगम है जिसमे पहला भगवान शंकर की भस्म दूसरा और रुद्राक्ष और तीसरा प्रभु का जाप स्मरण है शिव महापुराण में भगवान शंकर की भस्म रुद्राक्ष का बड़ा महत्व है भगवान शंकर की भस्म अनेक गंभीर बीमारियों पर लगाया जाता है जिससे बीमारियां ठीक हो जाती हैंं।
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