Wednesday, December 22, 2021

जन सूचना पदाधिकारी ने किया आरटीआई ऐक्ट 2005 का उल्लंघन लौटाया पोस्टल ऑर्डर सहित मूल आवेदन


Jamshedpur : सूचना के अधिकार के अधिनियम 2005 के उल्लंघन का मामला प्रकाश मे आया है. आरटीआई बागबेड़ा कॉलोनी निवासी विनय सिंह ने बताया कि उनके द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत 09 दिसंबर 2021 को जन सूचना पदाधिकारी सह कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग जमशेदपुर डिवीजन से विभाग से जुड़ी 12 बिंदुओं पर सूचना उपलब्ध कराने का आग्रह किया था. लेकिन जन सूचना पदाधिकारी द्वारा जवाब नहीं देकर आवेदक को पोस्टल ऑर्डर सहित मांगी गई सूचना की आवेदन की मूल प्रति ही वापस कर दी गई, जो सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 का उल्लंघन है.

आवेदन लौटाया जाना सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का उल्लंघन है 
आरटीआई कार्यकर्ता विनय ने बताया कि मांगी गई सूचना का आवेदन वापस करना अभिव्यक्ती के अधिकार धारा 19 (1) का उल्लंघन है. सूचना अधिकार अधिनियम 2005 में आवेदन वापस करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है. उन्होंने बताया है कि सूचना पदाधिकारी का दायित्व बनता है कि यदि उनके विभाग से संबंधित मांगी गई सूचना किसी भी प्रमंडल से संबंधित हो तो सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6 (3) के तहत जन सूचना पदाधिकारी को यह अधिकार है की यदि उनसे मांगी गई सूचना दूसरे विभाग से संबंधित है तो वह मूल आवेदन की प्रति को संबंधित पदाधिकारी के पास हस्तांतरित कर आवेदक को सूचित कर सकता है की आवेदन को संबंधित विभाग को भेज दिया गया है आप उक्त विभाग से सूचना प्राप्त कर सकते है लेकिन आवेदन को किसी भी परिस्थिति मे वापस नहीं करना है यह सूचना का अधिकार 2005 के मूल भावना का उल्लंघन है. इस संबंध में आवेदक प्रथम अपीलीय पदाधिकारी के पास अपील दायर कर सकता है. उन्होंने बताया कि प्रथम अपीलीय पदाधिकारी सह अधीक्षक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पास अपील दायर किया गया है.

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