Sunday, November 7, 2021

इलाज के दौरान कैदी की मौत के बाद फतेहगढ़ जेल में कैदियों ने मचाया उत्पात,जेलर को पीटा, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े स्थिति नियंत्रित


फर्रुखाबाद जिले की फतेहगढ़ जेल में रविवार सुबह कथित रूप से डेंगू से एक कैदी की मौत पर जेल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप जमकर उत्पात मचाया। जेल प्रशासन के द्वारा हंगामा कर रहे कैदियों को रोकने की कोशिश की गई तो उनका आक्रोश और भड़क गया और जेल के अंदर पथराव और तोड़फोड़ करने के साथ-साथ जेलर को बंधक बना लिया। कैदियों ने जेल के अंदर आग लगा दी।जेल में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा कंबल एवं चादरों में भी आग लगा दी।हालात बिगड़ते देख मौके पर जिला पुलिस और पीएसी बुलाई गई।मारपीट, ताबड़तोड़ फायरिंग और आगजनी की स्थिति को नियंत्रण करने के लिए टीम मौके पर पहुंच गई। जिलाधिकारी संजय सिंह जिला जेल पर पहुंच गए।उपद्रव कर रहे बंदियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस चलाई। जिला जेल में बवाल के दौरान बंदियों के हमले में 30 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कई बंदियों के भी घायल होने की खबर है।
बताया जाता है कि 29 साल के कैदी संदीप यादव की डेंगू के चलते मौत हो गई। संदीप की मौत सैफई अस्पताल में इलाज के दौरान हुई।इसकी जानकारी मिलने के बाद कैदियों ने बवाल मचा दिया। जेल परिसर के कुछ हिस्सों में आगजनी भी की गई।बंदियों ने डिप्टी जेलर के साथ बदसलूकी भी की।
दूसरी ओर जेल में हंगामे के बाद प्रशासन एक्शन में आ गया। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं। भारी संख्या में पुलिस, पीएसी भी लगाई गई। जेल प्रशासन का दावा है कि अब स्थिति पर नियंत्रण कर लिया गया है।बंदियों को अपनी अपनी बैरक में भेज कर स्थिति को शांत कर लिया गया है।पुलिस का कहना है कि हंगामे के जिम्मेदार कैदियों पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि जिला जेल में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। सुबह 7:45 बजे जेल में बवाल हुआ। जेल के बंदी संदीप यादव को डेंगू हो गया था। उसे इलाज के लिए सैफई के अस्पताल भेजा गया था। शनिवार को उसकी वहां पर मौत हो गई। इसकी जानकारी जब यहां आई तो रविवार की सुबह बैरिक संख्या 9 और 2 में बवाल हुआ है। बवाल पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया गया है। बंदियों को खाना दिया जा रहा है। बवाल में जिला जेल के डिप्टी जेलर शैलेश समेत 30 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। केवल एक बंदी शिवम घायल हुआ है उसे इलाज के लिए भेज दिया गया है। जिन लोगों ने जेल में बवाल किया है उन अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले में मुकदमा दर्ज होगा। इसको लेकर जांच पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने जेल में फायरिंग से इनकार किया है। उनसे जब पूछा गया कि घायल बंदी शिवम ने आरोप लगाया है कि जेलर ने गोली मारी है तो ऐसे में उन्होंने इनकार किया। कहाकि यह जांच का विषय है। मेडिकल की जो रिपोर्ट आएगी उस पर कार्रवाई होगी। पुलिस अधीक्षक ने जेल में आगजनी और तोड़फोड़ को स्वीकार किया है। बताया कि उपद्रव करने वाले बंदी जेल के मुख्य गेट तक आ गए थे।
दूसरी ओर इस घटना में जहां कई बंदी घायल बताए जा रहे हैं। कुछ घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। कुछ अधिकारियों का दावा है कि रविवार सुबह हुए इस उपद्रव को दोपहर दो बजे तक शांत करा लिया गया था।
जेल सूत्रों के अनुसार जिला जेल के एक डेंगू संक्रमित बंदी की सैफई स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहने के दौरान मौत हो जाने की खबर मिलने से बंदियों ने बवाल शुरू कर दिया। रविवार सुबह जिला जेल को बंदियों ने अंदर अपने कब्जे में कर लिया और बंदी रक्षकों पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद भारी पुलिस बल मौके पर बुलाया गया लेकिन बंदी जेल के भीतर हंगामा करते रहे। जानकारों के अनुसार बंदियों ने जेल के अंदर आगजनी भी की। मौके पर पहुंचे अग्निशमन दल को आग पर काबू पाने के लिए लगाया गया है।पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि जेल में पथराव के दौरान करीब 30 पुलिसकर्मी घायल हो गये हैं लेकिन अब जेल की स्थिति काबू में है और सब कुछ नियंत्रण में है। पुलिस अधीक्षक ने डिप्‍टी जेलर पर भी हमले की पुष्टि की है। इस सिलसिले में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने कोई ब्यौरा देने से इन्कार कर दिया और कहा कि घटना की जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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