पूर्व विधायक व भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल सारंगी ने अपने ट्वीटर हेंडल पर अपनी संवेदना कुछ इस प्रकार व्यक्त की है।
नहीं रहे साधु चाचा. अभी अभी उनकी बेटी ने सूचना दी है कि अब वे हम सबको छोड़कर चले गए। कल ही उनकी स्थिति बहुत गंभीर थी लेकिन मुझे विश्वास था कि ईश्वर कुछ चमत्कार करेंगे. अद्भुत संयोग है कि कल ही डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर सिफ्ट करने का निर्णय लिया था. जब मैं उनसे मिलने पहुँचा तो डॉक्टरों ने कहा कि हम उन्हें अब वेंटिलेटर पर डालने वाले हैं आप जल्द से जल्द अपनी बात कर लें. साधु चाचा ने डॉक्टरों को टोका और मुझे बोले- #भतीजा मैं जल्द लौटूंगा मनोबल मेरा कम नहीं हुआ है।
वेंटिलेटर पर जाने से पहले आख़िरी बात उनकी बात मुझसे ही हुई थी।
मेरे लिए एक बड़ी व्यक्तिगत क्षति है. जब मौक़ा मिलता था तो घर पर नॉन भेज खाना खाने का निमंत्रण देते थे और फ़ोन पर मेरे पिता के स्वास्थ्य की जानकारी लेते थे. हमेशा ख़ुश रहना और दूसरों को खुश रखना उनका चरित्र था. एक जीवट नेता और यारों के यार थे। आज राज्य के राजनीतिक व सामाजिक परिदृश्य में एक ख़ालीपन सा हो गया।
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