बता दें कि लगभग साल भर से तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसान बैठे हुए थे। आंदोलन लंबा खींचा चला रहा था।
इसी बीच कार्तिक पूर्णिमा, प्रकाश पर्व और देव दीपावली के पावन मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर सबको चौका दिया है। उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान उक्त घोषणा की है।
बहरहाल किसान आंदोलन वाले इसे अपने आंदोलन की जीत बता रहे हैं। वहीं चर्चा यह है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लिया है। जबकि प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान करने और किसानों से अपने घर लौटने और नया सोचने की बात की अपील की है। उसके बावजूद किसान नेता राकेश सिंह टिकैत ने ऐलान किया है कि फिलहाल आंदोलन समाप्त नहीं होगा और भी कई मुद्दों पर चर्चा होनी बाकी है और संसद में भी कानून निरस्त करने का काम होना चाहिए।
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