बता दें कि दुर्गापूजा की महाअष्टमी के दिन काशीडीह पूजा पंडाल के पास स्थित शिव मंदिर से भोग वितरण जारी था। इस सूचना के आधार पर उपायुक्त सूरज कुमार मौके पर पहुंचे और भोग वितरण रुकवा दिया था। जिसके बाद उपायुक्त और अभय सिंह के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। फिर तमाम दुर्गापूजा कमेटियों ने बैठक कर चेतावनी दी थी कि प्रशासन से माफी नहीं मांगेगा तो विसर्जन रोक दिया जाएगा। उसके बाद अपर जिला दंडाधिकारी नंदकिशोर लाल वहां गये और कमेटियों से बात करके समझौता हुआ था और कमेटिया विसर्जन के लिए तैयार हो गई और विसर्जन हो गया लेकिन इस मामले में जिला प्रशासन द्वारा 1 महीने के बाद केस दर्ज किए जाने की खबर है।
इधर अभय सिंह ने कहा कि उपायुक्त स्वयं यहां आकर के अवलोकन किए थे और उस समय उन्होंने यह नहीं कहा कि आखिर भोग वितरण किस आधार पर हो रहा है या नहीं हो रहा अब जब सारा पूजा त्योहार खत्म हो गया तो दुर्गापूजा समिति हो या हिंदू धर्म के मानने वाले लोग हैं उसके मनोबल को कुचलने का प्रयास हो रहा है।
उन्होंने कहा कियह भोग वितरण में जो भी खामियां है होती है यह आपदा प्रबंधन विभाग के अधीन आता है जिसके स्वयं मंत्री है।
स्थानीय स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की अपनी जमीन खिसकती देखकर अब भगवान बिरसा मुंडा को आगे कर ड्रामेबाजी की राजनीति में उतारू हो गए हैं।
बन्ना गुप्ता हिंदू विरोधी है अगर हिंदू विरोधी नहीं होते तो उनके क्षेत्र में इक्कीस फीट की मूर्ति का मामला हो या भोग का मामला हो इसमें आगे बढ़ करके इंप्लीमेंट करवाते परंतु जिस प्रकार लोगों को दुर्गापूजा में जिस प्रकार प्रताड़ित मानसिक रूप से किया गया यह सरकार की हिंदू विरोधी मानसिकता उभर कर के आती है।
विगत दिनों मोहर्रम के दिन पाकिस्तान का झंडा लेकर लोग सड़कों पर उतारू थे उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जुलूस बनाकर के लोग निकले उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई ।
हिंदुस्तान पाकिस्तान के क्रिकेट मैच में हिंदुस्तान हारने की खुशी में और पाकिस्तान जीतने की खुशी में बम पटाखे फोड़े गए उसमें भी जिला प्रशासन की एक भी क्रिया प्रतिक्रिया नहीं आई जबकि देश विरोधी राष्ट्रद्रोह का मामला वैसे अनैतिक कार्य करने वालों के खिलाफ बनता था लेकिन नहीं बना स्वयं मंत्री के क्षेत्र में वोट बैंक की राजनीति ना गिर जाए उन्होंने इस पर अपनी आवाज या मुकदमा दायर करना उचित नहीं समझा उल्टे जब दीपावली,काली पूजा ,गोवर्धन पूजा, छठ पूजा , देवयानी एकादशी बीत गया तब हिंदुओं को प्रताड़ित करने की रणनीति के तहत मुकदमा की कॉपी भेज दी गई।
अभय सिंह ने कहा कि हमने सारे लोगों से विचार-विमर्श करके सारे लोगों से राय आएगी तो आगे के आंदोलन को अख्तियार करेंगे । बड़े अधिकारियों पदाधिकारी से मिलकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे।
आगामी बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन कर जमशेदपुर की जनता को इस हिंदू विरोधी मानसिकता वाले जिला प्रशासन हो या मंत्री हो उनके विरुद्ध आंदोलन का बिगुल शंखनाद शंख ध्वनि से होगा सारे साधु-संतों के बीच में हमारे कार्यकर्ता जाएंगे, सब को जगायेंगे , सारे पूजा पंडाल कमेटी के लोग हो विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल , राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ,भारतीय जनता पार्टी और उससे संबंधित विचारधारा वालों के साथ संपर्क स्थापित कर एक नई आंदोलन का आगाज करने की तैयारी सर्वसम्मति से किया जाएगा।
अभय सिंह ने कहा कि उन्हें मंगलवार को एफआइआर की प्रति मिली है. इस मामले में काशीडीह निवासी अभय सिंह के अलावा जिन्हें नामजद बनाया गया है, उसमें मोनू सिंह (काशीडीह), शिवेंद्र सिंह उर्फ शिबू सिंह (कुलसी रोड, साकची), प्रमोद शुक्ला उर्फ बबलू पंडित (काशीडीह), सुरेंद्र शर्मा (काशीडीह), विजय चौधरी (गुरुद्वारा बस्ती, साकची) व उपेंद्र ठाकुर (काशीडीह) शामिल हैं।
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