हिंदी साहित्य के सुप्रसिद्ध कवि एवं जानेमाने साहित्यकार डाँ भारत यायावर का आकस्मिक निधन, साहित्य जगत सहित हजारीबाग में शोक की लहर
डाँ यायावर प्रखर कवि के साथ साथ एक सुलझे हुए संपादक भी थे। उन्होंने फणीश्वर नाथ रेणु रचनावली और महाबीर प्रसाद दिर्वेदी रचनावली संपादित कर पुरे विश्व में ख्याति अर्जित की तथा हजारीबाग को भी ख्याति दिलाई !
प्रसिद्ध साहित्यकार डाँ भारत यायावर ने अपने अद्भुत लेखन कला से हजारीबाग जैसे छोटे शहर एवं झारखण्ड प्रदेश को अखिल भारतीय स्तर पर एक पहचान दिलाई तथा अपने सारगभिर्त रचनाओं से हजारीबाग का नाम देशभर में रौशन किया। डाँ यायावर के निधन पर हजारीबाग सहित पूरे झारखण्ड के लोगों ने अपनी संवेदना जाहिर की। झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने डाँ यायावर के निधन को साहित्य जगत के लिए क्षति बताया।
हजारीबाग सदर विधायक मनीष जयसवाल ने अपने शोक संवेदना में कहा कि डाँ भारत यायावर का निधन साहित्य कला के साथ हजारीबाग के लिए बड़ी क्षति है। वहीं समाजसेवी सह जदयु नेता राकेश गुप्ता ने श्री यायावर के निधन को अपुर्णीय क्षति बताया तथा ईश्वर से प्रार्थना किया की उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
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