आमतौर पर लोडेड रायफल को लोड हालत में शस्त्रागार में जमा भी नहीं किया जाता है. लेकिन लोड रायफल बिना कारतूस निकाले कैसे जमा किया गया. लोडेड रायफल की सफाई नहीं की जाती है, सिपाही को इसकी ट्रेनिंग थी कि नहीं सवाल खड़ा होता है. जबकि वह पिछले 20 वर्षों से नौकरी कर रहा है. सार्जेंट मेजर की ओर से भी स्पष्ट तौर पर यह बयान नहीं दिया गया है कि आखिर यह कैसे हुआ. लोडेड राइफल को दिलीप कुमार अज्ञानता वस साफ कर रहा था या जानबूझकर साफ कर रहा था. यह भी स्पष्ट नहीं है. राइफल से गोली कैसे चली है. इसकी भी जानकारी नहीं दी जा रही है. ऐसे में यह पूरा मामला लापरवाही का बनता है. घटना को लेकर सिपाही की लापरवाही और अधिकारियों की लापरवाही की जांच शुरू कर दी गई है. सरायकेला एसपी ने इसकी जांच का जिम्मा डीएसपी चंदन कुमार को दिया है जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट एसपी को सौंपेंगे। लापरवाही कहां से और कैसे हुई . जांच के बाद पता चलेगा. उसके बाद लापरवाही के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सम्भव है।
Friday, October 22, 2021
शस्त्रागार में शस्त्र सफाई के दौरान चली गोली से घायल हुआ सिपाही, टीएमएच में चल रहा है ईलाज,मामला पूरी तरह से लापरवाही का।
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