लेकिन इस बार सरकारी की ओर से कोई राशि नहीं दी गयी. 75 वर्षों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है. कमेटी के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 1948 में यह रकम बहुत छोटी हुआ करती थी. लेकिन धीरे-धीरे बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखकर सरकार ने इसे पिछले वर्ष तक ₹500000 दिए थे. इस कमेटी की खासियत है कि सरायकेला खरसावां के डीसी कमेटी के अध्यक्ष होते हैं. एसडीओ जनरल सेक्रेटरी होते हैं. प्रत्येक वर्ष कलश स्थापन एसडीओ द्वारा ही किया जाता है. एक बार ऐसा भी हुआ कि एसडीओ के पद पर एक मुस्लिम तबरेज कयूम जम्मु काश्मीर के थे. पूजा उन्हीं को करनी थी और कलश स्थापन भी उन्हीं को करना था. लेकिन तबरेज ने इससे बिलकूल ही परहेज नहीं किया. उन्होंने पूजा के लिये व्रत रखा, भले ही कलश का उन्होंने स्पर्श नहीं किया, लेकिन पास में ही बैठे. इस बार कलश स्थापन सरायकेला खरसावां के एसडीओ कृष्ण कुमार करेंगे. यह भी जानकारी हो कि सरायकेला और खरसावां दोनों जगहों पर दुर्गा पूजा के साथ-साथ लक्ष्मी पूजा, काली पूजा, जगाधत्री पूजा समेत इस सीरीज की सभी पूजायें हुआ करती हैं.
Tuesday, October 5, 2021
75 वर्षो के इतिहास में पहली बार सरायकेला सरकारी पूजा कमेटी को नहीं मिला सरकारी फंड, लोगों में नाराजगी, अपने स्तर से प्रबंध कर पूजा आयोजित कर रही कमेटी
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