मिथिलेश बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले थे। मिथिलेश प्रसाद और उनके ड्राइवर श्रवण प्रजापति का अपहरण कर हत्या करने के बाद अपराधियों ने 10 लाख रुपये फिरौती ली और उसके बाद परिजनों से संपर्क बंद कर दिया।
बताया जाता है कि 25 मई 2021 को मिथिलेश प्रसाद छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर में अपनी बेटी से मिल पत्नी के साथ औरंगाबाद लौट रहे थे। इसी दौरान कंडा घाटी में देवघर पुलिस के सिपाही गढ़वा के पुंदागा निवासी प्रेमनाथ यादव और उसके सहयोगियों ने अपहरण की वारदात को अंजाम दिया। कार में व्यवसायी की पत्नी को छोड़ दिया और मिथिलेश तथा श्रवण को अगवा कर ले गए।
बता दें कि पुलिस ने एसआईटी गठन कर जांच शुरू की थी। उसके बाद दोनों के शवों के अवशेष पुलिस ने गढ़वा जिले के रमकंडा थाना क्षेत्र स्थित पुंदागा गांव के पास बरामद किए गए।
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