जानकारों का कहना है कि 2015 में संदीप के बड़े भाई की विशाखापट्टनम में ट्रेन से गिरकर मौत हो गई थी. बेटे की मौत के गम में पिता ने भी मात्र ढाई साल बाद दम तौड़ दिया था. संदीप अपने पिता से काफी प्यार करता था. लोगों का कहना है कि युवक के मोबाइल की गैलिरी खुली पायी गयी, जिसमें उसके पिता की तस्वीर थी. परिजनों ने बताया कि संदीप अपने पिता से बेहद प्यार करता था. हर दिन मोबाइल की गैलरी में अपने पिता को देखकर उन्हें याद किया करता था. सम्भवत: उसने पिता की मौत के गम में स्वंय भी मौत को गले लगा लिया.
विधवा मां के एक मात्र सहारा भी दुनिया में नहीं रहा, पिता व भाई की पहले ही हो चूकी है मौत
संदीप का परिवार मूल रूप से राजनगर के पाटा हेंसल का रहने वाला है. उसकी बेवा मां की हालत को केवल समझा जा सकता है. उसका कहना है कि संदीप घर का दरवाजा बंद कर नहीं सोता था. देर रात उसकी अचानक नींद खुली तो देखा कि संदीप का दरवाजा बंद है. पीछे खिड़की से जाकर देखा तो संदीप पंखे से पर्दे के सहारे फांसी लगाकर झूल रहा है. मृतक की एक बहन भी है. उसकी शादी हो चुकी है. वह सरायकेला के ही मानिक बाजार में रहती है. सूचना मिलने पर वह भी पहुंची.
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