मिस झारखंड रह चुकी मॉडल सुरभि ने बताया- 'मेरी रूह कांप गयी थी, जब मैं वहां गई। कचड़े का पहाड़। पहाड़ के चारों तरफ फेंके मृत मवेशी। दूर तक जाती बदबू और वहां से रोज गुजरती सैकड़ों गाड़ियां।' उन्होंने बताया- 'रांची की यह तस्वीर बदलनी चाहिए। इसी सोच के साथ प्रोजेक्ट को चुना है।'
सुरभि ने बताया- 'शूट के बाद मेरे पैर में स्किन इंफेक्शन हो गया। डॉक्टर के पास जाना पड़ा। शूटिंग के दौरान एक-एक फीट तक पैर कचरे में धंस गए थे। इसके बाद भी शूट को पूरा किया।'
गारबेज पर फोटोशूट का यह आइडिया रांची के फोटोग्राफर प्रांजल का था। उसने बताया- 'रांची के इस दाग को जब शूट करने का सोचा था तब यह इतना आसान नहीं था। एक तो गीला कचड़ा। ऊपर से इतनी बदबू और इसके साथ दो घंटे की शूटिंग। यह एक जंग जीतने जैसा था।' उसने बताया- 'जिस दौरान शूटिंग हो रही थी वहां कचरा माफिया लगातार पूरी ग्रुप को घूर रहे थे। हालांकि उन्होंने किसी का कुछ बिगाड़ा नहीं।'
प्रांजल ने बताया- 'फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करने के बाद कई पर्यावरणविदों की सराहना मिली। कई सेलेब्रिटी ने वीडियो को शेयर भी किया है। इस वीडियो शूट को इंटरनेशनल लेबल पर पहचान मिल रही है। सोच से ज्यादा लोग बदलाव के लिए आगे आ रहे हैं।
झिरी रांची शहर का डंपिग यार्ड है। पूरे शहर का कचड़ा वहां फेंका जाता है। एक माह में औसतन यहां 15300 टन कूड़ा जमा हो जाता है। यह आंकड़ा साल में 1.83 लाख टन हो जाता है। 10 वर्षों में यहां 16 लाख टन से अधिक कचरा जमा हो गया है। रांची नगर निगम पिछले 5 साल से कचड़ा निस्तारन प्लांट बनाने की बात कर रहा है, लेकिन अभी तक यह नहीं बन पाया है।
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