विश्व भोजपुरी विकास परिषद की एक बैठक गरमनाला शिव मंदिर में रविवार को हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुये श्रीनिवास तिवारी ने कहा कि राज्य में भोजपुरी भाषा की उपेक्षा बर्दास्त नहीं की जाएगी. क्योंकि 24 जिले में गढवा, डाल्टेनगंज,पलामू, समेत 4 जिले ऐसे है जहा भोजपुरी भाषा भाषी के लोग सबसे ज्यादा रहते है. इसके आलावे पूर्वी सिंहभूम, रांची, हजारीबाग समेत राज्य के सभी शहरी क्षेत्र वाले जिलों में भोजपूरी भाषा भाषी के लोग रहते ही नहीं बल्कि बोलचाल के आलावे भाषा के उठान और प्रगति के लिए संघर्षरत है. राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिबू सोरेन झारखण्ड में भोजपुरी को द्वितीय राज्य भाषा का दर्जा देने की बात कहे थे, लेकिन चूक गए. उसी पर अमल करते हुए अविलम्ब द्वितीय राज्य भाषा का दर्जा दे और हर नौकरी में परीक्षा प्रवेश पर भोजपुरी को भी अविलम्ब शामिल करें. अन्यथा भोजपुरी की लड़ाई खातिर राज्य में बलिदानी भे दे सकता है. बैठक में मुख्य रूप से श्री निवास तिवारी, मिथिलेश श्रीवास्तव, मुन्ना चौबे, श्री भगवान मिश्रा, अप्पू तिवारी, गोलू सिंह, मनोज सिंह, समेत अन्य मौजूद थे.
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