क्या है मामला
जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर डेढ़ बजे योजनाबद्ध तरीके से रांची ACB की टीम DSP बच्चनदेव कुजूर के नेतृत्व में भरनो ब्लॉक पहुंची! उसके बाद एसीबी की टीम असिस्टेंट इंजीनियर वरुण रंजन के कार्यालय गयी और वरुण को रंगेहाथ पकड़ा! गिरफ्तारी के बाद असिस्टेंट इंजीनियर वरुण रंजन को ACB की टीम अपने साथ रांची लेकर चली गयी!
बता दें कि करौंदाजोर गांव निवासी लाभुक प्रमोद नायक सिंचाई कूप निर्माण करा रहा है! कूप का कार्य जमीन लेबल तक हो चुका है! उक्त योजना की प्राक्कलित राशि 3.81 लाख रुपये है! योजना में मजदूरी भुगतान लगभग 74 हजार रुपये व सामग्री में एक लाख 10 हजार रुपये भुगतान हुआ है! शेष राशि प्राप्त करने के लिए लाभुक ब्लॉक का चक्कर काट रहा था! जूनियर इंजीनियर द्वारा एमबी भी बनाया गया! फिर रोजगार सेवक ने उक्त एमबी की जांच के लिए असिस्टेंट इंजीनियर वरुण रंजन को दिया था!
इस संबंध में DSP बच्चनदेव कुजूर ने बताया कि करौंदाजोर गांव के मनरेगा लाभुक प्रमोद नायक ने असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ मनरेगा से बन रहे कुआं का एमबी पास करने के एवज में 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत किया था. जिसके बाद ACB द्वारा कार्रवाई की गयी!
रोजगार सेवक ने लाभुक को कहा था कि असिस्टेंट इंजीनियर से एमबी पास कराकर लाओ! तब शेष राशि का भुगतान करेंगे! तब से लाभुक असिस्टेंट इंजीनियर से काम कराने के लिए दौड़ रहा था! ACB की इस कार्रवाई से ब्लॉक में हड़कंप मच गया है! कई कर्मी ब्लॉक से भाग खड़े हुए! प्रखंड के लिए यह पहला मामला है! घटना के बाद पूरे प्रखंड मुख्यालय में चर्चा हो रही है! ACB की टीम में DSP बच्चनदेव कुजूर के साथ मजिस्ट्रेट सागर, इंस्पेक्टर विद्या सिंह, सनोज कुमार सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।
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