राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस 28 अगस्त को भारतीय मजदूर संघ पूर्वी सिंहभूम के सदस्यों द्वारा टाटानगर रेलवे, कदमा बिजली विभाग ,तुरामडीह, नरवा, जादूगोड़ा ,मऊ भंडार ,घाटशिला इत्यादि स्थानों पर वृक्षारोपण करके मनाया गया ।इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि 28 अगस्त 1730 को राजस्थान राज्य में खेजड़ी गांव में जोधपुर राज्य के राजा ने लकड़ी काटने के लिए अपने सिपाहियों एवं मजदूरों को भेजा, गांव के सभी लोगों ने वृक्ष काटने का मौखिक विरोध किया परंतु सैनिक और मजदूरों ने राजा का आज्ञा मानते हुए पेड़ को काटना शुरू किया। गांव की एक महिला अमृता देवी को इसका पता लगा तो वह आकर पेड़ को बचाने के लिए पेड़ से चिपक गई परंतु मजदूरों ने सिपाहियों के कहने से उनका सिर काट दिया उसके बाद उनकी दो बेटियां भी आकर पेड़ से चिपक गई मजदूरों ने उनका भी सिर काट दिया इस तरह गांव के सभी एक-एक करके 363 लोगों ने बलिदान दे दिया जब इस हृदय विदारक घटना की जानकारी जोधपुर महाराजा को हुई तो वह गांव आकर सभी गांव वासियों से माफी मांगे और पेड़ नहीं काटने का आदेश दिया।
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