भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष विमल बैठा ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. नकूल चौधरी से मामले को लेकर शिकायत की तो उन्होंने आश्वासन दिया कि वे मामले की जांच करवायेंगे और जो लोग भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. लेकिन वे इस बात का जबाव नहीं दे पाये कि अस्पताल में ऑक्सीजन है अथवा नहीं. अगर नहीं है तो उनके संज्ञान में यह बात क्यों नहीं है. अगर है, तो महिला को ऑक्सीजन क्यों नहीं दिया गया. दोनों ही स्थिति में जबावदेही तो अधीक्षक की बनती ही है. बिमल बैठा का कहना है कि महिला की मौत के लिये इलाज करने वाले डॉक्टर के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह से जिम्मेदार है. घटना के सम्बंध में परिजनों का कहना है कि बुधवार दोपहर एमजीएम अस्पताल में मंगली सिंह को भर्ती करवाया गया था.
उन्हें ऑक्सीजन दिया गया था. देर रात सिलिंडर का ऑक्सीजेन खत्म हो गया तो महिला को सांस लेने में दिक्कत हुई और उनके परिजनों ने वहां मौजूद चिकित्साकर्मी से ऑक्सीजन की मांग की. लेकिन चिकित्साकर्मी एवं डॉक्टरों ने ऑक्सीजेन उपलब्ध नहीं होने की बात कही. ऑक्सीजन की व्यवस्था का कोई प्रयास नहीं किया गया. महिला तड़पती रही. गुरुवार को अंततः महिला की मौत हो गई. उसके बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा. अस्पताल में परिजनों ने घंटों हंगामा किया. मौके पर भाजपा अनुसूचित जाति के प्रदेश उपाध्यक्ष विमल बैठा पहुंचे. उन्होंने चिकित्सीय कर्मचारी एवं अस्पताल उपाधीक्षक से इस मुद्दे पर बातचीत की. उन्होंने मांग की है कि अस्पताल प्रबंधन एवं चिकित्सीय कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ही महिला की मौत हुई है इसिलये दोषियों पर करवाई की जानी चाहिए.
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