एसडीएम धालभूम संदीप कुमार मीणा और स्पेशल ऑफसर जेएनएसी कृष्ण कुमार ने शनिवार को स्वर्णरेखा व खरकई नदी तट का भ्रमण कर यह जानने की कोशिश की कि चांडिल और उड़ीसा डैम के खुलने के बाद भी नदी का जलस्तर कैसा है. पानी का स्तर कितना बढ़ सकता है और रेस्क्यू की जरूरत पड़ेगी अथवा नहीं. इस दौरान एसडीएम कदमा शास्त्री नगर एरिया और भुईयाडीह इलाके में नदी किनारे पहुंचे और जलस्तर का निरीक्षण. इस संबंध में जानकारी देते हुए एसडीएम ने बताया की जलस्तर कंट्रोल में है. फिलहाल खतरे जैसी कोई बात नहीं है. इस बात की उम्मीद भी है कि पानी और नहीं बढ़ेगा. उन्होंने बताया की शुक्रवार रात को उड़ीसा डैम का फाटक खोल दिया गया था और आज चांडिल डैम का फाटक भी खोला गया है, लेकिन नदी के जलस्तर में बहुत अंतर नहीं है. पानी जरूर बड़ा है लेकिन वह कंट्रोल में है और खतरे के बाहर है. उसके बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है. क्योंकि पानी का स्तर काफी बढ़ने और खतरे के निशान को पार करने के बाद स्थिति गंभीर हो सकती थी और लोगों को रेस्क्यू की जरूरत पड़ती. फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
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