झारखंड का ईटा- चिन्द्री गांव मनरेगा योजनाओं का केंद्र बन गया है. यहां मनरेगा की दस से ज्यादा योजनाएं धरातल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराती दिख रही हैं. सरकार ने इस गांव को मनरेगा पार्क घोषित कर दिया है. ग्रामीणों को यहां महीने में कम से कम 20 दिन रोजगार की गारंटी है.
आपने फ्लावर पार्क या फूड पार्क के बारे में जरूर सुना और देखा होगा. लेकिन बात अगर मनरेगा पार्क की करें, तो शायद आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे. एक ऐसा पार्क जहां लोगों के रोजगार का सृजन हो रहा है. एक ऐसा पार्क जहां सरकार की योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं. और ग्रामीणों के वर्तमान से लेकर भविष्य को संवारने में लगा है.
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